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तृतीय केदार: तुंगनाथ धाम के खुले कपाट

2020-05-20T18:36:35.77

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
चाहे देश में अभी भी कोरोना महामारी अपना आंतक फैलाए हुए हैं, परंतु अब धीरे धीरे अब लॉकडाऊन में डील दी जाने शुरू हो गई है। कहा जा रहा है अब हर किसी को कोरोना के साथ ही जीने की आदत डालनी होगी। मगर इसका मतलब ये नहीं कि हम इससे अपने बचाव नें ले रहे सावधानियां को नज़रअंदाज़ करें। कहने का भाव है कि इससे खुद को बचाते हुए अपने जीवन के लक्ष्य को पूरा करना अब हर देश वासी को जीना होगा। जहां एक तरफ़ ज़रूरी सामानों की बिक्री आदि शुरू हो गई है तो वहीं कई धार्मिक स्थलों के कपाट भी खुलने लगे हैं।
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इसी बीच अब पंच केदार में से तृतीया केदार के कपाट आज सुबह 11.30 बजे खुल गए हैं। बता दें त्रयोदशी तिथि में विधि विधान से यहां पूजा-अर्चना की गई और ग्रीष्मकाल द्वार खोले गए। बताते चलें 18 मई को मक्कूमठ से भगवान तुंगनाख धाम की डोली रवाना हुई थी। समुद्र तल से 12 हज़ार की ऊंचाई पर स्थित है। पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे धाम के कपाट खोले गए।
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इसके बाद मां दुर्गा जी की मूर्ति को गर्भगृह से बाहर लाकर दुर्गा देवी के मंदिर में स्थापित किया गया। जिसके साथ ही मन्दिर में हवन की प्रक्रिया भी शुरू हुई। गर्भगृह में भगवान की पूजा अर्चना के साथ ही भूतनाथ, भैरवनाथ, वनदेवियों, रुद्रनाथ, पंचकेदार, पितृदेवताओं व देवी पार्वती की पूजा अर्चना भी की गई।

खबरों के अनुसार मंदिर के प्रबंधक ने बताया कि लॉकडाउन के कारण प्रशासन के निर्देश पर डोली कार्यक्रम और कपाटोद्घाटन समारोह में सीमित लोग ही शामिल हो पाए। मठाधिपति ने बताया डोली के धाम प्रस्थान और कपाटोद्घाटन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं थीं।
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Jyoti

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