Ujjain Mahakal : क्या खत्म होगा महाकाल में VIP कल्चर ? अब सुप्रीम कोर्ट में होगी अहम सुनवाई
punjabkesari.in Tuesday, Jan 27, 2026 - 08:29 AM (IST)
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Ujjain Mahakal : उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में गर्भगृह के भीतर वीआईपी प्रवेश को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। आम भक्तों को गर्भगृह में प्रवेश न मिलने और चुनिंदा लोगों को विशेष सुविधा दिए जाने पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं।
यह मामला पहले हाईकोर्ट में विचाराधीन था, जिसके बाद अब इसे देश की सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी गई है। इंदौर के वकील चर्चित शास्त्री ने वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु जैन के जरिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर मंगलवार को सुनवाई होने की संभावना है।
याचिका में कहा गया है कि हर साल लाखों श्रद्धालु देश और विदेश से बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचते हैं लेकिन अधिकांश भक्तों को गर्भगृह के बाहर से ही दर्शन करना पड़ता है। इसके विपरीत, राजनीतिक और प्रभावशाली व्यक्तियों को भीतर जाकर पूजा करने की अनुमति मिलती है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह व्यवस्था समानता के अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता के सिद्धांतों के खिलाफ है।
महाकाल लोक के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। इसके बावजूद वर्ष 2023 के बाद मंदिर प्रबंधन ने आम भक्तों के गर्भगृह में प्रवेश पर रोक लगा दी। उस समय यह आश्वासन दिया गया था कि सावन माह समाप्त होने के बाद पुरानी व्यवस्था फिर से लागू की जाएगी, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो पाया है। इसी वजह से यह मुद्दा सामाजिक और राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
वर्तमान में श्रद्धालु गणेश मंडपम और नंदी हॉल से ही बाबा महाकाल के दर्शन कर रहे हैं। दूर-दराज से आने वाले भक्तों की इच्छा रहती है कि वे कम से कम एक बार गर्भगृह में जाकर भगवान के समीप दर्शन कर सकें। अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि आम श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश का अधिकार मिलेगा या नहीं।
