आप का राशिफल- 8 फरवरी, 2020

2020-02-08T10:22:59.603

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
आज 8 फरवरी, 2020 शनिवार माघ शुक्ल तिथि चतुर्दशी (सायं 4.02 तक) तथा तदोपरांत तिथि पूर्णिमा। विक्रमी सम्वत् : 2076, माघ प्रविष्टे: 26, राष्ट्रीय शक सम्वत्: 1941, दिनांक : 19 (माघ), हिजरी साल: 1441, महीना: जमादि उल्सानी, तारीख: 13, सूर्योदय: 7.20 बजे, सूर्यास्त: 6.04 बजे (जालंधर समय), नक्षत्र: पुष्य (रात 10.05 तक) तथा तदोपरांत नक्षत्र आश्लेषा। योग: आयुष्मान (सायं 7.10 तक) तथा तदोपरांत योग सौभाग्य। चंद्रमा कर्क राशि पर (पूरा दिन-रात), रात 10.05 के उपरांत जन्मे बच्चे को आश्लेषा नक्षत्र की पूजा लगेगी, भद्रा रहेगी (सायं 4.02 से लेकर 8-9 मध्य रात 2.33 तक)।  इसके अलावा आज का राशिफल जानने के लिए क्ल्कि करें यहां
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पर्व, दिवस तथा त्यौहार : श्री सत्य नारायण व्रत, मेला जयंती देवी (चंडीगढ़) प्रारम्भ। 
दिशा शूल: पूर्व एवं ईशान दिशा के लिए। राहू काल: प्रात: नौ से साढ़े दस बजे तक।
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कहा जाता है सत्यनारायण भगवान की कथा काफ़ी लोक प्रचलित है। कहा जाता है इस व्रत का पालन करने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ती हैै। यही कारण है कि ज्योतिष शास्त्र प्रायः पूर्णमासी को इस कथा का परिवार में वाचन किया जाता है। इसके अलावा इनके अन्य पर्वों पर भी इस कथा को विधि विधान से करने का विधान है। बताया जाता है इनकी पूजा में केले के पत्ते व फल के अलावा पंचामृत, पंचगव्य, सुपारी, पान, तिल, मोली, रोली, कुमकुम, दूर्वा की आवश्यकता होती जिनसे भगवान की पूजा होती है। इसके अतिरक्ति इनकी पूजा के लिए दूध, मधु, केला, गंगाजल, तुलसी पत्ता, मेवा मिलाकर पंचामृत तैयार किया जाता है जो भगवान को काफ़ी पसंद है। प्रसाद के तौर पर फल, मिष्टान्न के अलावा आटे को भून कर उसमें चीनी मिलाकर एक प्रसाद बनता है जिसे सत्तू ( पंजिरी ) कहा जाता है, जिसका इन्हें भोग लगता है।


 


Jyoti

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