सावन में घर ले आएं चांदी के नंदी, Positive Vibes से भर जाएगा आपका आशियाना
punjabkesari.in Tuesday, Jul 22, 2025 - 02:00 PM (IST)
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Significance of Silver Nandi Idol in Sawan: सावन मास भगवान शिव का परम प्रिय महीना होता है। इस माह में पूजा-पाठ, व्रत, और शिव आराधना का विशेष महत्व होता है। ऐसे में यदि चांदी का नंदी इस समय घर में स्थापित किया जाए, तो उसका फल सामान्य दिनों से कई गुना अधिक मिलता है। वास्तु शास्त्र में चांदी का नंदी यानी भगवान शिव का वाहन घर में रखने को शुभ माना गया है। यह नंदी न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि इसका वास्तु और ऊर्जा विज्ञान से भी गहरा संबंध है। चांदी का नंदी घर में रखने से प्राप्त होते हैं ये लाभ:

सावन महीने में घर में चांदी का नंदी रखने के विशेष वास्तु लाभ दिए गए हैं:
सावन में चांदी का नंदी रखने से शिव कृपा का तीव्रतम प्रभाव पड़ता है। सावन शिव का मास है और नंदी उनके प्रिय गण हैं। इस महीने में नंदी को घर में लाने से शिव जी की विशेष कृपा मिलती है, जो जीवन के समस्त कष्टों को दूर करती है।

कुंडली के दोषों का शमन
सावन में चांदी का नंदी रखने से राहु, केतु और शनि जैसे ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं। विशेष रूप से कालसर्प दोष, पितृ दोष और शिव विरक्ति जैसे दोषों का नाश होता है।

जल तत्व का संतुलन और मानसिक शांति
सावन जल तत्त्व प्रधान मास है। नंदी, शिव के जलाभिषेक से जुड़े होते हैं। चांदी (चंद्रमा का धातु) मानसिक संतुलन देती है और यह नंदी के रूप में तनाव, क्रोध और मानसिक व्यग्रता को कम करता है।

संतान सुख और वैवाहिक जीवन में सुधार
जिन लोगों को संतान प्राप्ति में बाधा हो, उनके लिए यह विशेष फलदायी माना गया है। पति-पत्नी के बीच तालमेल, प्रेम और समझ में वृद्धि होती है।

घर के वातावरण में शुद्धता और सकारात्मकता
सावन में नंदी स्थापित करने से घर में पवित्रता और आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है। इससे घर का वास्तुदोष दूर होता है और शांति बनी रहती है।
सावन में चांदी का नंदी रखने से 108 बार शिवलिंग अभिषेक के समान फल प्राप्त होता है। यह माना जाता है कि यदि आप सावन में नंदी स्थापना करते हैं, तो यह 108 बार शिवलिंग पर जल चढ़ाने के समान पुण्य देता है।

सावन में नंदी को कहां और कैसे रखें ?
आध्यात्मिक उन्नति और शिव कृपा के लिए ईशान कोण में रखें।
मानसिक शांति और रोग नाश के लिए घर के मंदिर अथवा पूजा स्थान में रखें।
बुरी नजर और वास्तु दोष से सुरक्षा के लिए मुख्य द्वार के सामने अंदर की ओर विराजित करें।
सबसे शुभ व्यवस्था शिवलिंग के सामने मुख करके पारंपरिक रूप से

सावधानियां और पूजा विधि:
सोमवार को नंदी स्थापित करना सबसे उत्तम।
नंदी को कच्चे दूध, गंगा जल या पंचामृत से स्नान कराएं।
उसके सामने शिव मंत्र या ॐ नमः शिवाय का जप करें।
हर दिन उस पर बेलपत्र या धतूरा अर्पित करें।

