Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा की रात क्यों जागते हैं? जानें मां लक्ष्मी के भ्रमण, 16 कलाओं और खीर के अमृत का धार्मिक रहस्य

punjabkesari.in Saturday, Oct 24, 2026 - 08:33 AM (IST)

Kojagari Purnima 2026: सनातन धर्म में सभी पूर्णिमा तिथियों में शरद पूर्णिमा को अत्यंत विशेष और फलदायी स्थान दिया गया है। इस वर्ष शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी। इसे कोजागरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस पावन अवसर पर धन की देवी मां लक्ष्मी स्वयं पृथ्वी लोक पर पधारती हैं और अपने भक्तों को सुख-समृद्धि व धन-धान्य का आशीर्वाद देती हैं।

PunjabKesari Kojagari purnima
बन रहे हैं शुभ योग और 'लक्ष्मी नारायण राजयोग'
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस बार शरद पूर्णिमा पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। इसके साथ ही तुला राशि में बुध और शुक्र के अद्भुत संयोग से 'लक्ष्मी नारायण राजयोग' का भी निर्माण हो रहा है। इस शुभ दिन पर श्रद्धालु कोजागर व्रत रखकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं।

मानसिक शांति और शारीरिक ऊर्जा
ज्योतिष शास्त्र और आयुर्वेद के अनुसार, शरद पूर्णिमा की शीतल चांदनी में बैठने या चंद्रमा के दर्शन करने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मन को गहरी शांति मिलती है।

PunjabKesari Kojagari purnima
रास पूर्णिमा
शरद पूर्णिमा को लेकर श्रीमद्भगवद्गीता में उल्लेख मिलता है कि इस रात भगवान कृष्ण ने ऐसी बांसुरी बजाई थी कि सारी गोपियां उनकी ओर खीचीं चली आईं। जिसके बाद इस रात उन्होंने सभी गोपियों संग मिलकर ‘महारास’ रचाया था। जिस कारण इसे ‘रास पूर्णिमा’ कहा जाता है। प्रचलित किंवदंती के अनुसार इस रात भगवान कृष्ण ने इन गोपियों के साथ रास रसाने के लिए अनेकों रूप धारण किए थे। इस महारास को लेकर यह भी कहा जाता है कि कृष्ण ने अपनी शक्ति से शरद पूर्णिमा की रात को भगवान ब्रह्मा की एक रात जितना लंबा कर दिया। बता दें शास्त्रों में बताया गया है कि ब्रह्मा की एक रात मनुष्यों के करोड़ों रातों के बराबर होती है।

PunjabKesari Kojagari purnima
जाग्रति पूर्णिमा
एक अन्य मान्यता के मुताबिक शरद पूर्णिमा की रात धन की देवी लक्ष्मी ने आकाश में विचरण करते हुए कहा कि ‘को जाग्रति’, जिसका अर्थ होता है ‘कौन जगा हुआ है’। कहा जाता है जो लोग शरद पूर्णिमा के दिन और रात को जागकर देवी लक्ष्मी का आवाहन करते हैं उन पर इनकी खास कृपा होती है।

कोजागरी पूर्णिमा
अन्य धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा को ‘कोजागरी पूर्णिमा’ भी कहा जाता है। ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि इस दिन माता लक्ष्मी का जन्म हुआ था। जिसके चलते शरद पूर्णिमा के दिन भारत के कई हिस्सों में देवी लक्ष्मी की पूजा-अर्चना होती है।

PunjabKesari Kojagari purnima
कुमार पूर्णिमा
बताया जाता है ओडिशा में शरद पूर्णिमा को कुमार पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। इस दिन यहां कुवांरी लड़कियां अच्छे वर के लिए पूरा दिन व्रत रखकर भगवान कार्तिकेय की पूजा करती हैं और शाम को चांद निकलने के बाद ही व्रत खोलती हैं।

अमृत वर्षा
इस रात बनाई जाने वाली खीर से भी कई बातें जुड़ी हैं। खीर को रात भर खुले आसमान में रखने के बाद खाने से चर्म रोग, अस्थमा, दिल की बीमारियां, फेफड़ों की बीमारियां और आंखों की रोशनी से जुड़ी परेशानियों से छुटकारा मिलता है।

PunjabKesari Kojagari purnima

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

 

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Niyati Bhandari

Related News