Shani Gochar And Yuti Effects: जब शनि इन 7 ग्रहों के साथ बनाते हैं युति, तो बढ़ जाती हैं परेशानियां और रोग
punjabkesari.in Saturday, Jan 17, 2026 - 08:18 AM (IST)
Shani Gochar And Yuti Effects: वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह को कर्म, अनुशासन, संघर्ष और रोगों का कारक माना गया है। शनि का गोचर और अन्य ग्रहों के साथ उनकी युति व्यक्ति के जीवन में गहरे और दीर्घकालिक प्रभाव डालती है। यह प्रभाव केवल करियर या आर्थिक स्थिति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि स्वास्थ्य, मानसिक स्थिति और पारिवारिक जीवन को भी प्रभावित करता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि लगभग ढाई वर्ष तक एक ही राशि में रहते हैं। इस अवधि में जब वे किसी अन्य ग्रह के साथ युति बनाते हैं, तो उसके अनुसार शुभ या अशुभ फल प्राप्त होते हैं। शनि की युति कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
ज्योतिषीय उपाय क्यों हैं जरूरी?
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इन समस्याओं से बचने के लिए चिकित्सा उपचार के साथ-साथ ग्रह शांति पूजा, दान और मंत्र जाप अत्यंत आवश्यक है। केवल दवा से नहीं, बल्कि ग्रह दोष की शांति से ही पूर्ण लाभ मिलता है।
ज्योतिषाचार्य की सलाह
शनि के प्रभाव से डरने की नहीं, बल्कि कर्म सुधारने और उपाय अपनाने की जरूरत है। सही समय पर किया गया शनि शांति उपाय जीवन में स्थिरता और स्वास्थ्य प्रदान करता है।

जब शनि अकेले प्रभाव में होते हैं
ज्योतिष के अनुसार शनि के एकल प्रभाव से निम्न समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं:
गठिया और जोड़ों का दर्द
तंत्रिका तंत्र की कमजोरी
पक्षाघात
गुर्दा और यकृत संबंधी रोग
अस्थमा, श्वसन रोग, निमोनिया
तेज बुखार, बेहोशी
बालों का झड़ना
अपच और नशे की प्रवृत्ति
शनि और सूर्य की युति
जब सूर्य और शनि की युति होती है, तो:
शरीर में कमजोरी
आंखों की समस्या
सुस्ती और आत्मविश्वास की कमी
वरिष्ठों से तनाव
पिता या ससुर की बीमारी की चिंता
मानसिक शांति में कमी देखी जा सकती है।

शनि और चंद्रमा की युति
इस युति से:
मानसिक भ्रम
सीने में दर्द
एनीमिया
चेहरे की चमक में कमी
मुंहासे और आलस्य हो सकता है।
शनि और बुध की युति
जब बुध शनि के साथ युति करते हैं:
हकलाना
त्वचा रोग
कान में दर्द या स्राव
मानसिक असंतुलन
की संभावना रहती है। बच्चों के लिए यह युति विशेष सावधानी की मांग करती है।
शनि और बृहस्पति की युति
इस युति से:
पाचन संबंधी समस्याएं
स्मरण शक्ति में कमी
अजीब व्यवहार
भोजन में अरुचि देखी जा सकती है।

शनि और शुक्र की युति
इस स्थिति में:
गले में खराश
टॉन्सिल
बवासीर
प्रतिभा और आकर्षण में कमी हो सकती है।
शनि और राहु की युति
यह युति अत्यंत अशुभ मानी जाती है। इससे:
विष संबंधी भय
बांझपन
हड्डियों में दर्द
मानसिक वहम उत्पन्न हो सकता है।
शनि और केतु की युति
इस युति से:
उच्च रक्तचाप
रक्त विकार
पूरे शरीर में दर्द की समस्या हो सकती है।

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