सावन का पहला सोमवार आज, मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश की अनुमति नहीं

2021-07-26T09:05:36.943

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

नई दिल्ली (नवोदय टाइम्स) : रविवार से सावन के महीने की शुरुआत हो गई है। हिन्दू धर्म में सावन के महीने का बहुत महत्व है और इसे महीने भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। सावन में सोमवार के व्रत का खास महत्व होता है। शास्त्रों के अनुसार सावन के महीने में शिव की पूजा और उनका अभिषेक करने से विशेष पुण्य मिलता है। 

आज सावन का पहला सोमवार है, ऐसे में राजधानी के मंदिर सावन के पहले सोमवार के लिए सजकर तैयार हो गए हैं। मंदिरों को रंग- बिरंगे फूलों और लाइटों से सजाया गया है। मगर इस बार भी श्रद्धालुओं को घर पर ही शिव का जलाभिषेक करना होगा। मंदिर समितियों को श्रद्धालुओं को प्रवेश देने की अनुमति नहीं मिली है। गौरी शंकर मंदिर को छोड़कर श्रद्धालु कहीं पर भी जलाभिषेक नहीं कर पाएंगे। 

चांदनी चौक स्थित गौरी शंकर मंदिर में गर्भगृह के बाहर दो मशीन जलाभिषेक के लिए लगाई गई है। जिसकी मदद से श्रद्धालु जलाभिषेक कर सकेंगे, मगर श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश नहीं मिलेगा और दूर से ही दर्शन कर सकेंगे। मंदिर के अंदर फूल बंगला लगाया है। लाइट की रोशनी से मंदिर को जगमग किया है। मंदिर परिसर के बाहर बैरिकेडिंग लगा दी गई है।

झंडेवाला देवी मंदिर के प्रचार प्रमुख नंद किशोर सेठी का कहना है कि  दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आदेश में श्रद्धुलाओं को प्रवेश की अनुमति नहीं मिली है। इस कारण श्रद्धालु मंदिर में जलाभिषेक नहीं कर सकेंगे। छतरपुर मंदिर के मीडिया प्रभारी नरेंद्र सेठी के अनुसार मंदिर को बंद रखा जाएगा, क्योंकि अगर प्रवेश द्वार खुला रहेगा तो श्रद्धालुओं को रोकना मुश्किल है।

सावन के सोमवार का यह है महत्व
सावन के सोमवार का बहुत अधिक महत्व होता है। सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। सोमवार का व्रत करने से भगवान शंकर की विशेष कृपा प्राप्त होती है। सावन का महीना भगवान शिव को अतिप्रिय होता है, जिस वजह से इस माह के सोमवार का महत्व सबसे अधिक होता है।


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Content Writer

Niyati Bhandari

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