Ram Navami: राम नवमी पर बनेंगे शुभ योग, मन की इच्छाओं को पूरा करना है तो करें ये काम
punjabkesari.in Friday, Apr 04, 2025 - 06:31 AM (IST)

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
Ram Navami 2025: शास्त्रों के अनुसार, राम नवमी का दिन विशेष रूप से भगवान राम की पूजा करने, उनके जीवन के संदेश को अपनाने और उनके नाम का जप करने के लिए उपयुक्त माना जाता है। इस दिन विशेष रूप से भगवान राम की उपासना करके जीवन में सुख, समृद्धि और आत्मिक शांति प्राप्त की जा सकती है। साथ ही यह दिन धार्मिक और आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। चैत्र नवरात्रि की समाप्ति के बाद 6 अप्रैल 2025 को सर्वार्थ सिद्धि के साथ बहुत से शुभ योग बनने जा रहे हैं। इस दौरान यदि कुछ उपाय कर लिए जाएं तो भगवान श्री राम मन की सारी इच्छाओं को करेंगे पूरा
राम नवमी पर शुभ योग
6 अप्रैल 2025 रविवार के दिन रामनवमी पर बहुत सारे शुभ योग बनने जा रहे हैं। रविवार और पुष्य नक्षत्र होने से रवि पुष्य नामक शुभ योग बनने जा रहा है। इसके साथ-साथ सर्वार्थ सिद्धि योग भी बनेगा। इस दौरान की गई पाठ-पूजा और उपाय करने से मन की इच्छाओं को पूरा किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त रामनवमी पर सुलक्ष्मी योग, बुधादित्य राजयोग और मालव्य राजयोग रहेंगे।
What should be done on the day of Ram Navami राम नवमी के दिन क्या करना चाहिए:
प्रभु श्री राम की पूजा: रामनवमी पर भगवान राम के चित्र या मूर्ति का पूजन विधि पूर्वक करें। पूजा में रामायण का पाठ, राम का नाम जप और दीपों की आरती करना उत्तम होता है। विशेष रूप से रामचरितमानस का पाठ या रामकथा सुनने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
व्रत रखना: इस दिन उपवासी रहना (व्रत) और निर्जला उपवास रखना बहुत फलदायी माना जाता है। अगर उपवास कठिन हो तो फलाहार (फल खाना) किया जा सकता है।
राम का नाम जपना: राम नवमी के दिन विशेष रूप से "राम राम" का उच्चारण करने से मानसिक शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। "राम" का जप 108 बार या 1008 बार करना विशेष लाभकारी होता है।
नदी में स्नान: अगर संभव हो तो इस दिन पवित्र नदी में स्नान करना शुभ माना जाता है जैसे गंगा या यमुना जी में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
दान पुण्य: इस दिन ब्राह्मणों को भोजन कराना, गरीबों और जरूरतमंदों को वस्त्र, अन्न, या धन का दान करना बहुत पुण्यकारी माना जाता है।
राम नवमी का व्रत और कथा: इस दिन भगवान राम की कथा या उनके जीवन के आदर्शों को सुनना और उसका पालन करना आवश्यक है। इस दिन को शुभ मानकर लोग राम कथा सुनते हैं और भगवान राम के प्रति अपने आभार और श्रद्धा को व्यक्त करते हैं।
राम का नाम जप और ध्यान: पूरे दिन राम का नाम लेते रहना और एकांत में बैठकर उनके स्वरूप का ध्यान करना मानसिक शांति को बढ़ाता है और जीवन की समस्याओं का समाधान भी होता है। यह शास्त्रों में एक प्रभावी उपाय के रूप में बताया गया है।