Raksha Bandhan 2026: शुभ मुहूर्त में नहीं बांध पाएं भाई को राखी? जानें ये अचूक ज्योतिषीय उपाय, नहीं लगेगा कोई दोष
punjabkesari.in Tuesday, Aug 18, 2026 - 01:11 PM (IST)
Remedies if you missed auspicious Rakhi Muhurat: भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का महापर्व रक्षाबंधन साल 2026 में बेहद खास संयोग लेकर आ रहा है। बहनों के लिए यह दिन खुशियों और उमंगों से भरा होता है, जहां वे अपने भाई की लंबी उम्र की कामना के साथ उसकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं। हालांकि, अक्सर भद्रा काल या राहुकाल के कारण राखी बांधने का शुभ मुहूर्त बहुत कम समय के लिए होता है।
ऐसे में कई बार यात्रा, दफ्तर के काम या किसी मजबूरी की वजह से बहनें उस सीमित समय में राखी नहीं बांध पाती हैं। अगर आपके साथ भी ऐसी स्थिति बनती है, तो शास्त्र सम्मत ऐसे कई उपाय हैं जिन्हें अपनाकर आप बिना किसी दोष के किसी भी समय राखी बांध सकती हैं।

2026 में रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त और तिथि
वर्ष 2026 में श्रावण पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 27 अगस्त को सुबह 9:09 बजे होगी और इसका समापन 28 अगस्त को सुबह 9:48 बजे होगा। उदया तिथि की मान्यता के अनुसार, रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा।
इस दिन राखी बांधने का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से सुबह 9:48 बजे तक रहेगा। यानी बहनों के पास राखी बांधने के लिए कुल 3 घंटे 51 मिनट का समय होगा।
मुहूर्त छूट जाए तो घबराएं नहीं, अपनाएं ये उपाय
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि शुभ मुहूर्त में राखी न बांध पाएं तो इनमें से कोई भी उपाय कर सकते हैं:

देवताओं को अर्पित करें राखी: अगर शुभ समय निकल गया है, तो सबसे पहले घर के मंदिर में अपने इष्ट को अपने भाई के नाम की राखी अर्पित करें। ऐसा करने से भाई के प्रति राखी समर्पित करने से समय का दोष नष्ट होता है तत्पश्चात आप अपने भाई को राखी बांध सकती हैं।
अभिजीत मुहूर्त का चयन: पंचांग गणना के अनुसार शुभ समय की बात करें तो अभिजीत मुहूर्त को शुभ मुहूर्त से कम नहीं आंका जाता। ये आमतौर पर दोपहर को होता है। इस दौरान अगर कोई अशुभ योग नहीं बन रहा हो तो इस दौरान अपने भाई को रक्षा सूत्र बांधकर प्रेम की डोर को मजबूत किया जा सकता है।
शुभ चौघड़िया: अपने शहर के स्थानीय पंचांग को ध्यान में रखते हुए अमृत, शुभ और लाभ के चौघड़िया में भी राखी बांधी जा सकती है।
भाई से है दूरी तो इस विधि से बांधे राखी
रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर अवश्य नहीं है की भाई और बहन मिल सकें और इस त्यौहार का आनंद मिलकर ले सकें। ऐसे में रक्षाबंधन के दिन अपने इष्ट के चरणों में भाई के नाम की राखी रख दें और उसके लिए मंगल कामना करें। जब भी भाई के साथ मिलना हो तब ये राखी अपने भाई की कलाई पर बांध दें।

