Pitru Paksha 2026 : 16 की जगह होंगे सिर्फ 15 श्राद्ध, चतुर्थी-पंचमी एक ही दिन क्यों?

punjabkesari.in Friday, Sep 25, 2026 - 06:27 PM (IST)

Pitru Paksha 2026 : एक ही दिन पड़ रही हैं चतुर्थी और पंचमी की तिथियां। श्राद्ध का घटना माना जा रहा शुभ संकेत, राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित ज्योतिषचार्य पंडित प्रेम कुमार शर्मा ने दी जानकारी। शास्त्रों के मुताबिक इस बार श्राद्ध पक्ष को लेकर एक खास संयोग बना हुआ है, जिसके चलते इस बार 16 की बजाय 15 श्राद्ध होंगे। इस बार चतुर्थी और पंचमी तिथि का श्राद्ध एक ही दिन होने के कारण एक श्राद्ध कम हो गया है, जो कि देश और लोगों की प्रगति के लिए शुभ माना जा रहा है।

राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित ज्योतिषाचार्य व प्राचीन श्रीदक्षिणमुखी हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित प्रेम कुमार शर्मा ने बताया कि सनातन धर्म में श्राद्ध पक्ष श्रद्धा से जुड़ा हुआ पर्व है। इस दौरान पूर्वजों की तिथि के अनुसार श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। इस बार पूर्णिमा का श्राद्ध 26 सितंबर को होगा, जबकि प्रतिपदा का श्राद्ध 27 सितंबर को मनाया जाएगा। इसके बाद 28 सितंबर को द्वितीया और 29 सितंबर को तृतीया का श्राद्ध होगा। इसी दिन भरणी श्राद्ध भी किया जाएगा। जबकि 30 सितंबर को चतुर्थी और पंचमी दोनों तिथियों का श्राद्ध एक साथ होगा। इसके बाद 1 अक्टूबर को षष्ठी, 2 अक्टूबर को सप्तमी और 3 अक्टूबर को अष्टमी का श्राद्ध होगा।

उन्होंने बताया कि 4 अक्टूबर को नवमी का श्राद्ध होगा। जिन महिलाओं का निधन सौभाग्यवती अवस्था में हुआ हो, उनके लिए भी इस दिन श्राद्ध करने की परंपरा बताई गई है। वहीं 5 अक्टूबर को दशमी और 6 अक्टूबर को एकादशी का श्राद्ध होगा। 7 अक्टूबर को द्वादशी का श्राद्ध होगा। इसी दिन सन्यासियों का श्राद्ध करने की भी परंपरा है। 8 अक्टूबर को त्रयोदशी और 9 अक्टूबर को चतुर्दशी का श्राद्ध होगा। चतुर्दशी का श्राद्ध विशेष रूप से अकाल या दुर्घटना जैसी परिस्थितियों में मृत्यु को प्राप्त हुए लोगों के लिए किया जाता है। वहीं सामान्य रूप से चतुर्दशी तिथि को मृत्यु होने वालों का श्राद्ध 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के दिन किया जाएगा। इस दिन सर्वपितृ अमावस्या के साथ चतुर्दशी का श्राद्ध भी होगा।

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Content Editor

Sarita Thapa

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