Phulera Dooj 2026 : शादी में आ रही रुकावटें होंगी दूर, करें इन मंत्रों का जाप
punjabkesari.in Wednesday, Feb 18, 2026 - 01:58 PM (IST)
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Phulera Dooj 2026 : फुलेरा दूज का पर्व हिंदू धर्म में प्रेम, पवित्रता और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाने वाला यह त्योहार मुख्य रूप से भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी के अलौकिक प्रेम को समर्पित है। ज्योतिष शास्त्र में इसे अबूझ मुहूर्त माना गया है, यानी इस दिन बिना किसी पंचांग को देखे कोई भी शुभ कार्य जैसे विवाह, सगाई या नए व्यापार की शुरुआत की जा सकती है। यदि आप अपने वैवाहिक जीवन में मधुरता लाना चाहते हैं या प्रेम विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करना चाहते हैं, तो शास्त्रों में बताए गए इन 5 विशेष मंत्रों का जाप आपके लिए चमत्कारी सिद्ध हो सकता है।

Chant these mantras on Phulera Dooj फुलेरा दूज पर इन मंत्रों का करें जाप
वैवाहिक सुख के लिए:
यदि पति-पत्नी के बीच तनाव रहता है या आपसी समझ की कमी है, तो इस मंत्र का जाप सबसे प्रभावी है।
मंत्र: ॐ राधायै स्वाहा, ॐ कृष्णाय नमः
लाभ: यह मंत्र घर में सुख-शांति लाता है और दांपत्य जीवन के कलह को समाप्त करता है।
मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए
जो लोग प्रेम विवाह करना चाहते हैं या एक योग्य जीवनसाथी की तलाश में हैं, उनके लिए यह बीज मंत्र अत्यंत शक्तिशाली है।
मंत्र: क्लीं कृष्णाय गोविंदाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा
लाभ: इसे सम्मोहन और आकर्षण का मंत्र भी कहा जाता है। फुलेरा दूज पर 108 बार इसका जाप करने से विवाह के मार्ग में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं।

अटूट प्रेम के लिए: युगल मंत्र
श्री राधा-कृष्ण की संयुक्त कृपा प्राप्त करने के लिए इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
मंत्र: राधे-राधे गोपीजन वल्लभाय स्वाहा
लाभ: यह मंत्र रिश्तों में विश्वास जगाता है और प्रेम को स्थायित्व प्रदान करता है।
शीघ्र विवाह हेतु:
यदि कन्या के विवाह में विलंब हो रहा है, तो फुलेरा दूज के दिन मां कात्यायनी के स्मरण के साथ इस कृष्ण मंत्र का मेल अद्भुत फल देता है।
मंत्र: कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरी। नंदगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥
लाभ: फुलेरा दूज के दिन पीले वस्त्र धारण कर इस मंत्र का जाप करने से शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।
मानसिक शांति और सौहार्द के लिए
मंत्र: हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे॥
लाभ: यह कीर्तन मंत्र हृदय को शुद्ध करता है और व्यक्ति के भीतर प्रेम की भावना जागृत करता है।

