Panchak March 2026: चैत्र नवरात्रि से पहले शुरू होगा पंचक, जानें कब से लगेगा और इस दौरान क्या करें, क्या नहीं

punjabkesari.in Thursday, Mar 12, 2026 - 07:37 AM (IST)

Panchak March 2026: हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में पंचक को विशेष महत्व दिया गया है। पंचक को आमतौर पर अशुभ समय माना जाता है, जिसमें कई प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि पंचक के दौरान कुछ कार्य करने से व्यक्ति के जीवन में परेशानियां और बाधाएं आ सकती हैं।

हर महीने पंचक का समय आता है और यह लगभग पांच दिनों तक रहता है। ज्योतिष के अनुसार जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों में गोचर करता है, तब पंचक लगता है। इन पांच नक्षत्रों को ही पंचक नक्षत्र कहा जाता है।

मार्च 2026 में भी पंचक लगने जा रहा है, जो चैत्र नवरात्रि शुरू होने से ठीक पहले रहेगा। ऐसे में आइए जानते हैं कि मार्च में पंचक कब से शुरू होगा, यह कौन-सा पंचक होगा और इस दौरान कौन-से काम करने से बचना चाहिए।

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मार्च 2026 में पंचक कब से शुरू होगा?
ज्योतिष गणना के अनुसार मार्च में पंचक 16 मार्च 2026, सोमवार को शाम 6 बजकर 14 मिनट से शुरू होगा। यह पंचक 20 मार्च 2026 को देर रात 2 बजकर 28 मिनट पर समाप्त होगा।

इस वर्ष चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च 2026 से हो रही है, इसलिए नवरात्रि के शुरुआती समय में भी पंचक का प्रभाव रहेगा।

मार्च में लगने वाला पंचक कौन सा होगा?
पंचक कई प्रकार के होते हैं और यह सप्ताह के दिन के आधार पर तय किए जाते हैं। मार्च में शुरू होने वाला पंचक सोमवार से प्रारंभ हो रहा है, इसलिए इसे राज पंचक कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राज पंचक को अन्य पंचकों की तुलना में अपेक्षाकृत कम अशुभ माना जाता है। हालांकि इसके बावजूद इस समय शुभ और मांगलिक कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है।

वहीं सबसे अशुभ पंचक मृत्यु पंचक माना जाता है, जो शनिवार से शुरू होता है। इस दौरान जोखिम भरे कार्य करने से बचना चाहिए।

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पंचक के दौरान क्या नहीं करना चाहिए?
पंचक के समय कुछ कार्य करना अशुभ माना गया है। मान्यता के अनुसार इन कार्यों से बचना चाहिए:

पंचक में लकड़ी से जुड़े कार्य नहीं करने चाहिए।

इस समय लकड़ी इकट्ठा करना भी अच्छा नहीं माना जाता।

घर की छत नहीं बनवानी चाहिए और न ही छत डलवानी चाहिए।

पंचक में लकड़ी की चारपाई या पलंग बनवाना वर्जित माना जाता है।

इस दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचना चाहिए।

घर का निर्माण कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।

गृह प्रवेश, विवाह, सगाई, मुंडन और नामकरण जैसे मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए।

नई वधू का गृह प्रवेश भी पंचक के दौरान नहीं कराया जाता।

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पंचक के दौरान क्या करना चाहिए?
पंचक के समय कुछ धार्मिक उपाय करने से इसके अशुभ प्रभाव को कम किया जा सकता है।

इस दौरान हनुमान जी की पूजा-अर्चना करना शुभ माना जाता है।

नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करना लाभकारी होता है।

गरीब और जरूरतमंद लोगों को अन्न, धन और फल का दान करना पुण्यदायी माना जाता है।

यदि किसी कारण से दक्षिण दिशा में यात्रा करना आवश्यक हो, तो पहले हनुमान चालीसा का पाठ करें और कुछ कदम उत्तर दिशा में चलकर यात्रा की शुरुआत करें।

पंचक में तुलसी पूजा करना भी शुभ और फलदायी माना गया है।

ज्योतिष शास्त्र में पंचक को सावधानी बरतने का समय माना जाता है। ऐसे में पंचक के दौरान शुभ कार्यों से बचते हुए पूजा-पाठ और दान-पुण्य करने से इसके अशुभ प्रभावों को कम किया जा सकता है।

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Content Writer

Niyati Bhandari

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