कड़वे प्रवचन....लेकिन सच्चे बोल-  दुख बड़े काम की चीज है

punjabkesari.in Friday, Mar 26, 2021 - 11:13 AM (IST)

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दुख बड़े काम की चीज है
संसार में अड़चन और परेशानी न आएं। यह कैसे हो सकता है। सप्ताह में एक दिन रविवार का भी तो आएगा न। प्रकृति का नियम ही ऐसा है कि जिंदगी में जितना सुख-दुख मिलना है, वह मिलता ही है मिलेगा भी क्यों नहीं, टैंडर में जो भरोगे वही तो खुलेगा। मीठे के साथ नमकीन जरूरी है तो सुख के साथ दुख का होना भी लाजिमी है। दुख बड़े काम की चीज है। जिंदगी में अगर दुख न हो तो कोई प्रभु को याद ही न करे।

यहां झूठ मत बोलिए
डाक्टर और गुरु के सामने झूठ मत बोलिए क्योंकि यह झूठ बहुत महंगा पड़ सकता है। गुरु के सामने झूठ बोलने से पाप का प्रायश्चित और डाक्टर के सामने झूठ बोलने से रोग का निदान नहीं होगा।
डाक्टर और गुरु के सामने एकदम सरल और तरल बनकर पेश हों। आप कितने ही होशियार क्यों न हों तो भी डाक्टर और गुरु के सामने अपनी होशियारी मत दिखाइए, क्योंकि यहां होशियारी बिल्कुल भी काम नहीं आती।

याद रखो, भूल जाओ
दुनिया में रहते हुए दो चीजों को कभी नहीं भूलना चाहिए। न भूलने वाली चीज एक तो परमात्मा तथा दूसरी अपनी मौत। भूलने वाली दो बातों में से एक है-तुमने किसी का भला किया तो उसे तुरन्त भूल जाओ और दूसरी किसी ने तुम्हारे साथ अगर कभी कुछ बुरा भी कर दिया तो उसे तुरन्त भूल जाओ। बस, दुनिया में ये दो ही बातें याद रखने और भूल जाने जैसी हैं।

बस इतना करो
प्रश्न पूछा है: स्वर्ग मेरी मुठ्ठी में हो-इसके लिए मैं क्या करूं?
कुछ मत करो। बस इतना ही करो कि दिमाग को ‘ठंडा’ रखो, जुबान को ‘नरम’ रखो और दिल में ‘रहम’ रखो। अगर तुम ऐसा कर सके तो फिर तुम्हें किसी स्वर्ग तक जाने की जरूरत नहीं है। स्वर्ग खुद तुम तक चलकर आएगा। विडम्बना तो यही है कि हम स्वर्ग तो चाहते हैं। मगर ‘स्वर्गीय’ होना नहीं चाहते। - मुनि तरुण सागर जी  
 


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Jyoti

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