Motivational Concept: परिश्रम का संस्कार आजीवन काम आता है

09/24/2021 11:35:41 AM

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एक बार कुछ किसान फसल बोने की तैयारी हेतु खेतों की जुताई करने गए। जुताई शुरू करने के पहले ही आकाश में  चारों ओर काले बादल छा गए। किसानों ने खेतों में हल चलाना प्रारंभ ही किया था कि बादलों ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ऐ किसानो, हल चलाना बंद करो और अपने -अपने घरों को वापस लौट जाओ। अब बारिश नहीं होगी।’’

किसानों ने बादलों से पूछा, ‘‘क्यों, इस नाराजगी की वजह क्या है? बारिश क्यों नहीं होगी?’’

बादलों ने कहा, ‘‘बस हम नहीं बरसेंगे’’ किसानों ने बादलों से बहुत आग्रह किया परन्तु वे टस से मस नहीं हुए। उन्होंने कहा कि अगले बारह वर्षों तक बरसात नहीं होगी।

किसानों ने खेतों की जुताई की और पूरी लगन से बीज बोए लेकिन जैसा कि बादलों ने कहा था उस साल बारिश नहीं हुई। सारे बीज सूख गए। फसल नहीं हुई।
अगले वर्ष पुन: किसान जब खेतों में जुताई करने पहुंचे तो इस बार बादलों से रहा नहीं गया। वे कड़क कर बोले, ‘‘जब हमने कह दिया है कि अगले बारह वर्षों तक बारिश नहीं होगी तो तुम यह व्यर्थ का श्रम क्यों करते हो? अपने घर जाओ।’’

तब किसानों ने उत्तर दिया, ‘‘आप बरसें या न बरसें यह आपका अधिकार है किंतु हम खेतों में हल चलाएंगे, बीज बोएंगे, पूरी मेहनत करेंगे क्योंकि यह हमारा कर्म है। अगर हम हल नहीं चलाएंगे तो हमारे बच्चे श्रम करना भूल जाएंगे। इस कर्म के माध्यम से हम अपने बच्चों में परिश्रम का संस्कार डालते हैं, जो आजीवन उनके काम आता है।’’

 किसानों के श्रम के प्रति श्रद्धा को देखकर बादल बहुत प्रसन्न हुए। इस बार खूब बारिश हुई।
 


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Content Writer

Jyoti

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