‘मीरी-पीरी खालसा मार्च’ का तीसरा पड़ाव तख्त श्री केसगढ़ साहिब से हुआ आरंभ
punjabkesari.in Friday, Sep 18, 2026 - 09:02 AM (IST)
अमृतसर (सर्बजीत): मीरी-पीरी खालसा मार्च का तीसरा पड़ाव खालसा की जन्मभूमि तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री आनंदपुर साहिब से आरंभ हुआ। इस मौके पर सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी अमरजीत सिंह, तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार और श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज, तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह, सीनियर अकाली नेता डा. दलजीत सिंह चीमा उपस्थित थे। मार्च की शुरूआत से संबंधित अरदास जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने की, जबकि हुकमनामा ज्ञानी अमरजीत सिंह ने श्रवण करवाया।
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू हुआ ‘मीरी-पीरी खालसा मार्च’ संगत को गुरु दोखी और सिख विरोधी ताकतों से सचेत करने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को नशों से दूर रहने और सिखी स्वरूप में परिपक्व होने की प्रेरणा दे रहा है। बेअदबी कानून संबंधी पूछे गए सवाल के जवाब में जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि इस मामले पर बातचीत का रास्ता खुला है लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा कानून के संबंध में व्यक्त की गई आपत्तियों और दिए गए सुझावों का पालन करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि जब तक यह मामला सहमति से हल नहीं हो जाता, तब तक कानून को स्थगित करने का नोटिफिकेशन जारी किया जाए।
दिल्ली के भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी द्वारा सिख कत्लेआम से संबंधित मामले में सज्जन कुमार के घर जाने के बाद श्री अकाल तख्त साहिब में क्षमा याचना भेजने के संबंध में जत्थेदार ने कहा कि अपनी क्षमा याचना में बिधूड़ी ने कई पक्ष स्पष्ट किए हैं और सिख कत्लेआम के दोषी सज्जन कुमार के विरोध में बोलने की बात भी कही है। एस.जी.पी.सी. के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या गंभीर चुनौती बनी हुई है। हजारों बच्चे व युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। ऐसे समय में समाज की सांझी जिम्मेदारी बनती है कि युवा पीढ़ी को नशों से बचाने के लिए सांझा प्रयास किए जाएं। इस अवसर पर शिरोमणि कमेटी के जूनियर उपाध्यक्ष बलदेव सिंह कल्याण, अंतरिंग कमेटी सदस्य दलजीत सिंह भिंडर, सुरजीत सिंह तुगलवाल, डॉ. जंग बहादुर सिंह राय, हरजिंदर कौर, गुरचरण सिंह ग्रेवाल, परमजीत सिंह लक्खेवाल आदि उपस्थित थे।
