Astrology: ऐसा व्यक्ति गरीब घर में जन्म लेकर अपने भाग्य के बल पर चमकता है

2021-07-29T06:59:12.653

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Mangal Parvat in hand: मंगल पर्वत का स्थान हथेली में दो जगह माना जाता है। उन्नत मंगल तथा अवनत मंगल। जीवन रेखा के प्रारंभिक स्थान से नीचे और शुक्र पर्वत के ऊपर जो फैला हुआ भाग है, वही मंगल पर्वत कहलाता है। यह पर्वत मंगल ग्रह की कारकता का प्रतिनिधित्व करता है।

PunjabKesari Mangal Parvat
विकसित मंगल पर्वत के व्यक्ति साहसिक, निडर, पुलिस या सेना में कार्यरत होते हैं। ऐसा पर्वत, भूमि, भवन देता है। ईंट, मिट्टी, तथा भूमि भवन का व्यापार करने के लिए शुभ संकेत देता है किंतु ऐसे व्यक्ति क्रोधी या जिद्दी स्वभाव के होते हैं। अग्रि तत्व इनमें प्रबल होता है। सूर्य एवं मंगल दोनों पर्वत जिसके विकसित हो वह व्यक्ति प्रशासनिक अधिकारी या सेनाध्यक्ष होता है।

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दोषपूर्ण मंगल पर्वत, हत्या तथा अनैतिक कार्य कराता है। युद्ध में मरना-मारना इसी ग्रह से देखा जाता है। मंगल ग्रह के गुण-दोष इसी स्थान से देखने चाहिएं। हथेली में राहू पर्वत की स्थिति मस्तिष्क रेखा के नीचे चंद्र, मंगल तथा शुक्र से घिरे हुए भाग में होती है। यदि राहू पर्वत विकसित और उन्नत हो तो वह व्यक्ति निश्चय ही भाग्यशाली होता है।

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ऐसे व्यक्ति को जीवन में निराशा नहीं देखनी पड़ती। हथेली में निम्र राहू पर्वत हों तो ऐसा व्यक्ति कामी, व्याभिचारी, मविलन एवं दुखी होता है। केतू पर्वत का स्थान मणिबंध के ऊपर शुक्र और चंद्र के बीच भाग्य रेखा के प्रारंभिक स्थान में होता है। यदि यह पर्वत विकसित उन्नत एवं पुष्ट होता है तो व्यक्ति जीवन में सभी प्रकार के सुखों का भोग करता है। ऐसा व्यक्ति गरीब घर में जन्म लेकर अपने भाग्य के बल पर सामाजिक, आर्थिक उन्नति करता है।


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Content Writer

Niyati Bhandari

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