Mahabharat Story : अच्छे काम को कल पर टालना क्यों पड़ सकता है भारी, जानिए महाभारत की सीख

punjabkesari.in Wednesday, Jun 03, 2026 - 03:50 PM (IST)

Mahabharat Story : महाराज युधिष्ठिर के दरबार में एक ब्राह्मण अपनी समस्या लेकर पहुंचा। दरअसल कुछ दुराचारियों ने उससे  उसकी गाय छीन ली थी और इसी बात की शिकायत करने वह महाराज के पास पहुंचा था। महाराज युधिष्ठिर ने उस ब्राह्मण से कहा, ‘‘आज तो मैं काफी थक गया हूं, आप कृपया कल सुबह आइएगा, आपकी अवश्य सहायता की जाएगी।’’ इतना कहकर युधिष्ठिर वहां से चले गए। ब्राह्मण जब उदास होकर लौट रहा था तो भीम की नजर उस पर पड़ी। महाबली भीम ने ब्राह्मण को रोक कर उससे उदासी का कारण पूछा, तब उसने सारी बात भीम को बताई।

Mahabharat Story

भीम को अपने बड़े भाई के इस व्यवहार के बारे में जानकर बहुत आश्चर्य हुआ। फिर उन्होंने कुछ सोचा और सैनिकों को पूरे नगर में ढोल-नगाड़े बजाने का आदेश दे दिया। यह सब देखकर नगरवासियों ने भीम से पूछा कि आखिर ऐसा कौन-सा अवसर है, जो नगाड़े बजाए जा रहे हैं।

भीम ने कहा, ‘‘आप सबको नहीं पता, महाराज युधिष्ठिर ने काल पर विजय प्राप्त कर ली है और इसी अवसर पर ढोल-नगाड़े बजाए जा रहे हैं। यह बात युधिष्ठिर के कानों तक पहुंची तो उन्होंने भीम को बुलाकर पूछा,“यह सब क्या है भीम? 

मैंने काल पर कब विजय प्राप्त की?’’

भीम ने कहा, ‘‘महाराज! अभी कुछ समय पहले ही तो आपने ब्राह्मण को यह कहकर लौटा दिया कि उसकी समस्या का समाधान आप कल करेंगे, इसका मतलब तो यह ही हुआ न कि आपको पता है कि कल या भविष्य में आप जीवित रहेंगे, तो मैंने समझा  कि आपने अवश्य ही अपने काल पर विजय प्राप्त कर ली होगी।’’

भीम के इन वचनों को सुनकर महाराज युधिष्ठिर को अपनी गलती का एहसास हुआ, और उन्होंने तुरन्त ब्राह्मण की सहायता की और आदरपूर्वक उनकी गाय उन्हें दिलवा दी।  

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Content Editor

Sarita Thapa

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