Kovidara Tree Direction As Per Vastu : घर की इस दिशा में लगाएं कोविदार का पौधा, खिंची चली आएगी सुख-संपत्ति
punjabkesari.in Sunday, Jan 25, 2026 - 02:18 PM (IST)
Kovidara Tree Direction As Per Vastu : वास्तु शास्त्र में कुछ पौधों को भाग्यशाली माना गया है और कोविदार जिसे कचनार भी कहा जाता है, उन्हीं में से एक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस वृक्ष की उत्पत्ति ऋषि कश्यप ने की थी, इसलिए इसे देव वृक्ष का दर्जा प्राप्त है। यदि इसे सही दिशा में लगाया जाए, तो यह घर से नकारात्मकता को दूर कर धन और शांति को आकर्षित करता है। तो आइए जानते हैं कोविदार पौधे से जुड़े कुछ वास्तु मियमों के बारे में-

वास्तु के अनुसार सबसे शुभ दिशा
पूर्व दिशा
यह दिशा सूर्य देव की है। पूर्व में कोविदार लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार के सदस्यों के मान-सम्मान में वृद्धि होती है।
उत्तर दिशा
उत्तर दिशा धन के देवता कुबेर की मानी जाती है। यहां यह पौधा लगाने से आर्थिक तंगी दूर होती है और आय के नए स्रोत बनते हैं।
ईशान कोण
चूंकि यह एक पवित्र वृक्ष है, इसे ईशान कोण में लगाना भी सुख-शांति के लिए बहुत शुभ होता है।
कोविदार पौधे को भूलकर भी यहां न लगाएं
दक्षिण और पश्चिम
वास्तु के अनुसार, कोविदार को दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में लगाने से बचना चाहिए। इन दिशाओं में भारी या कांटेदार वृक्ष तो चल सकते हैं, लेकिन देव वृक्ष शुभ फल नहीं देते।
मुख्य द्वार के ठीक सामने
किसी भी बड़े वृक्ष को घर के मुख्य दरवाजे के एकदम सामने न लगाएं, क्योंकि यह 'द्वार वेध' दोष पैदा कर सकता है।
कोविदार लगाने के फायदे
माना जाता है कि इसकी मौजूदगी से घर में फिजूलखर्ची रुकती है और संचित धन बढ़ता है। इसके सुंदर फूल और सकारात्मक तरंगें घर के वातावरण को शांत रखती हैं, जिससे क्लेश कम होता है। आयुर्वेद में कचनार की छाल और फूलों का बहुत महत्व है, जो रक्त शुद्धि और अन्य रोगों में सहायक होते हैं।

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