Jupiter Transit 2026 in Cancer : कर्क में गुरु, कर्क राशि वालों की चमकेगी किस्मत !

punjabkesari.in Thursday, Apr 30, 2026 - 01:18 PM (IST)

Jupiter Transit 2026 in Cancer : साल का सबसे बेस्ट गोचर देव गुरु बृहस्पति का होने जा रहा है। गुरु उच्च के होने जा रहे हैं। गुरु कर्क राशि में आएंगे। ऐसा इवेंट 12 साल बाद होता है। क्योंकि गुरु का जो राशि चक्र है, गुरु एक साल में राशि पूरी करते हैं। 12 साल बाद घूम के अपनी कर्क राशि यानी कि जो उच्च राशि है वहां पर आते हैं। तो इस साल यह अच्छी चीज होने जा रही है। यह बहुत सारी राशियों के लिए ब्लेसिंग वाली चीज है। 2 जून को गुरु कर्क में आएंगे। हालांकि गुरु एक साल में एक राशि पूरी करते हैं। लेकिन गुरु इन दिनों शीघ्रगामी गति से चल रहे हैं। गुरु इसी साल में ही 31 अक्टूबर को सिंह में आ जाएंगे दोबारा। ऐसा नहीं है कि गुरु का गोचर छ महीने का हो गया या पांच महीने का हो गया। यहां पर सिंह में आएंगे, वक्री होंगे, मार्गी होंगे। फिर 24 जून को फिर 24 जनवरी को 2027 को फिर दोबारा कर्क में आ जाएंगे। फिर रहेंगे 24 जून तक कर्क में। तो साइकिल पूरा साल का है लेकिन इन तीन महीनों में नवंबर का महीना पूरा है दिसंबर का है। जनवरी के 24 दिन है। इन तीन महीनों में सिंह में रहेंगे। 

कर्क राशि में ही 9 महीने रहेंगे। लेकिन गुरु का जो गोचर होता है वह पांच राशियों के लिए अच्छा होता है गुरु का गोचर कुंडली में दूसरे भाव में, पांचवें भाव में, सातवें भाव में, नौवें भाव में और 11वें भाव में अच्छा होता है। गुरु इतने इंपॉर्टेंट ग्रह हैं। आपकी कुंडली में 12वें भाव होते हैं। दूसरा भाव धन का भाव होता है। उसके कारक गुरु है। पांचवा इजी गेंस का बुद्धि विवेक का भाव होता है। उसके कारक गुरु है। हायर एजुकेशन का यह भाव होता है। उसके कारक गुरु है। नाइंथ हाउस आपका भाग्य स्थान होता है। अध्यात्म से जुड़ा हुआ भाव होता है। आपकी लाइफ में जितना भी कुछ आता है, यह नाइंथ हाउस सबसे बेस्ट भाव होता है कुंडली का। उसके कारक गुरु हैं। 11वां भाव जो आपकी आय का भाव होता है उसके कारक गुरु हैं। यदि यह गुरु अच्छे गोचर में रहते हैं तो कितना फायदा मिलता है। आप इसका अंडरस्टैंडिंग कर सकते हैं। क्योंकि ज्ञान के कारक, संतान के कारक, धन के कारक, भाग्य के कारक सबके कारक गुरु ही है।

गुरु का यह गोचर 12 राशियों के लिए कैसा फल लेकर आएगा। आपने देखा कि गुरु कितने इंपॉर्टेंट ग्रह हैं आपके लिए। अब देखेंगे कि कर्क राशि के जातकों के लिए गुरु का यह गोचर किस तरह का फल देगा। कर्क राशि के ऊपर से गुरु का गोचर होगा। हालांकि राशि के ऊपर से गुरु के गोचर का फल अच्छा नहीं बताया गया। लेकिन चकि जब राशि के ऊपर से गुरु है तो तीनों दृष्टियां जो है वह केंद्र और त्रिकोण के भाव में होंगी, तो त्रिकोण और केंद्र के भाव एक्टिव हो जाएंगे। तो जो गुरु का गोचर है यहां पर आपके लिए अच्छा हो जाएगा। बेटर हो जाएगा। यानी कि यदि गुरु 12 में गोचर कर रहा है उसके मुकाबले यदि आपकी राशि के ऊपर से गोचर करेगा तो वो ज्यादा बेटर है। पांचवा भाव एक्टिव हो गया। फिफ्थ आस्पेक्ट पांचव भाव के ऊपर आएगी। 

पांचव भाव के ऊपर गुरु की दृष्टि का मतलब है कि पांचवा भाव बुद्धि विवेक का भाव है। पांचवा भाव संतान से जुड़ा हुआ भाव है। पांचवा भाव आपकी हायर स्टडीज का भाव है। यदि आप स्टूडेंट हैं तो आपको हायर स्टडीज से जुड़ी चीजें जो है वो वहां पर आपको थोड़ा सा फायदा होता हुआ नजर आएगा। कुछ लोग एग्जाम भी देंगे इस अवधि के दौरान हायर स्टडीज के कुछ लोगों को जो है वो नई क्लासेस में जाना है। क्योंकि जून के बाद यह होने जा रहा है।  अल्टीमेटली हायर एजुकेशन में यह हेल्प करेगा। डिसीजन मेकिंग में यह हेल्प करेगा। जो लोग स्टॉक मार्केट का काम करते हैं उनको यह हेल्प करेगा क्योंकि इजी गेंस का भाव होता है। संतान पक्ष जिनके यहां पर संतान है उनको संतान से अच्छी खबर आ सकती है। जिनका संतान नहीं है उनका संतान का अल्टीमेटली कर्क राशि का योग बन जाएगा। जिनके शादी नहीं हुई है उनकी शादी का भी योग यहां पर बनता हुआ नजर आ रहा है क्योंकि पंचम और सप्तम दोनों एक्टिवेट है। रिश्ता होगा पंचम से। सप्तम से शादी होती है। बिजनेस पार्टनर ढूंढ रहे हैं, तो बिजनेस पार्टनर भी आपको मिल सकता है नाइंथ हाउस एक्टिव है तो। आपका जो है वह नाइंथ हाउस भाग्य स्थान होता है। यहां पर आपको जो है वह भाग्य स्थान के आपको फल अच्छे मिलते हुए नजर आएंगे। रुके हुए काम आपके बनते हुए नजर आपको आ सकते हैं। कर्क राशि के लिए वैसे भी जो है वह शुक्र बुध गुरु जो है, वो आपके मित्र होते हैं क्योंकि नाइंथ हाउस के लॉर्ड है तो नाइंथ हाउस आपके लिए अच्छा फल करेगा। कुल मिलाकर तीन भावों के फल आपके लिए भी अच्छे हो जाएंगे।कर्क राशि के जातकों के लिए। 

उपाय- यदि आपकी कुंडली में गुरु की स्थिति कमजोर है तो गुरु की स्थिति को इंप्रूव करने के लिए कुछ रेमेडीज शास्त्रों में दी गई है तो वो रेमेडीज जरूर करनी चाहिए। मान लीजिए आपका गुरु, राहु, केतु एक्सिस पे है। गुरु लग्न कुंडली के छठे, आठवें, 12वें में पड़ा हुआ है। गुरु शनि मंगल से पीड़ित है या गुरु खराब स्थिति में है, तो आपको गुरु की रेमेडीज जरूर करनी चाहिए। अपने टीचर की रिस्पेक्ट करिए। दूसरा गुरु की रेमेडी होती है। गुरु ज्ञान के कारक है। तो किसी एक बच्चे को आप स्टडी में हेल्प करिए। कोई मैटर नहीं करता कि आप किस तरीके से हेल्प कर रहे हैं। आप उसको अपनी नॉलेज शेयरिंग के रूप में भी कर सकते हैं। कोई बच्चा मान लीजिए कोई पढ़ना चाहता है। उसको आपके पास समय है। आप उसको एक सब्जेक्ट में असिस्ट कर सकते हैं। ₹10 की पेंसिल लेके दे सकते हैं। स्कूल का बैग लेके दे सकते हैं। स्कूल की यूनिफार्म ले लेके दे सकते हैं। स्टेशनरी लेके दे सकते हैं। या उसकी स्टडी में हेल्प कर सकते हैं। किसी को ज्ञान देना, किसी को ज्ञान में हेल्प करना यह गुरु का काम है। गुरु के जो मंत्र्रास होते हैं ओम ब्रह्म बृहस्पताए नमः उसका जप किया जा सकता है। पीली चीजों का दान कर सकते हैं। गुरु का स्टोन पहन सकते हैं। आपके पास पैसा है तो पुखराज पहन लीजिए। लेकिन पुखराज तभी पहनिएगा यदि आपकी कुंडली में गुरु 6, 8, 12 में नहीं बैठे। यदि 6, 8, 12 में बैठे हैं, तो गुरु की यह रेमेडी मत करिएगा। 

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Sarita Thapa

Related News