कब बंद होगा IRAN और US का युद्ध ?
punjabkesari.in Friday, Mar 06, 2026 - 01:24 PM (IST)
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Iran US conflict 2026 : इस दौरान ईरान के ऊपर अटैक हो चुका है और बदले में जवाबी कारवाही में ईरान ने भी मिडिल ईस्ट के काफी सारे कंट्रीज के ऊपर अटैक किया है। सात या आठ कंट्रीज बताए जा रहे हैं जो खबरों में आ रहा है। बहरीन है, कुवैत है, अह यूएई है, उसमें ओमान है। बहुत सारी कंट्रीज हैं मिडिल ईस्ट की जहां पर ईरान जवाबी कारवाई कर रहा है। तो, सवाल यह है कि यह कितना लंबा चलेगा ? एस्ट्रोलॉजी इसको लेकर क्या कह रही है ? और क्या यह पहले से प्रेडिक्ट किया जा सकता था पिछले साल जब शनि ट्रांजिट हुए आपके मीन में तो तीसरी दृष्टि के प्रभाव में वृष आ गई थी। तो उसके बाद ही आप देखिएगा जो टॉरस राशि के जातक हैं उनको भी कोई न कोई दिक्कत हो रही होगी। हालांकि टॉरस के लिए शनि योगाकारक होते हैं लेकिन शनि की दृष्टि का प्रभाव था तो लग रहा था कि कुछ न कुछ इसमें गड़बड़ होगी। मंगल और शनि शत्रु हैं आपस में। यानी कि लग्न शनि का है। मंगल जो शत्रु का ग्रह होता है, शत्रु का भाव होता है, वहां पर बैठकर अष्टम दृष्टि से देख रहे हैं। गुरु इस कुंडली में शत्रु राशि में वृषभ भाव में विराजमान है और वृषभ राशि ईरान की प्रभाव राशि है। इस पर शनि और केतु की दृष्टि होने के कारण ईरान दुनिया भर में संकट पैदा करने वाले देश के रूप में उभर सकता है। ईरान अपने सभी प्रोक्सिस जितने भी उसके प्रॉक्सेस हैं उनको इजराइल के खिलाफ मैदान में उतारेगा। इससे दुनिया भर में इस्लामिक कट्टरवाद सिर उठा सकता है। इससे निपटने के लिए कई बड़े देश ऐलान के ख़िलाफ़ खड़े होंगे। खासतौर पर यूरोप और अमेरिका इस कुंडली के अष्टम भाव पर केतु राहु का केतु राहु और शनि का प्रभाव है और यह भाव जो अष्टम भाव होता है, प्राकृतिक आपदाओं के अलावा युद्ध का भी भाव होता है। ग्रह स्थिति ईरान में बड़े संकट का संकेत दे रही है। परमाणु संपन्न ईरान की चुनौती से निपटने के लिए यूरोप और तमाम पश्चिमी देशों के जितने भी प्रयास होंगे एकजुट होने की जो रणनीति है उनको वो बनानी पड़ेगी।
उसके बाद पिछले साल 22 जून को एक लिमिटेड सा अटैक यू.एस ने किया। इजराइल के सहयोग के साथ 22 जून को ईरान के तीन परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया। हालांकि यह कुछ दिन के लिए चला और बाद में खत्म हो गया। मींस एक दो दिन की कारवाई थी और बाद में नेगोशिएशन के टेबल पर आ गए दोनों।
अब दोबारा एक बार फिर ईरान के ऊपर अटैक हुआ है। इस अटैक के लिए 19 जून को एक यह वीडियो डाला था जिसमें लिखा गया था कि ईरान पर संकट अभी टला नहीं है। शनि पहले से वृष को देख रहे हैं तो वृष दो पाप ग्रहों के प्रभाव में आ जाएगी। इसके बाद इसके ऊपर अटैक हो सकता है। तो 23 को जैसे ही एंटर किया है, 27 को अटैक हो गया। इस साल में वृष फिर से पीड़ित है। वृष के ऊपर सैटर्न का प्रभाव रहेगा। ईरान में अगेन प्रॉब्लम बढ़ सकती है। इस साल भी ईरान जो है वह क्राइसिस में आएगा।
अब प्रॉब्लम कब बढ़ सकती है ? मंगल 23 फरवरी से ही एक्वेरियस में आ जाएंगे। यह जो कुंडली बनती है, यह तो मार्च की बन रही है जो नए संवत की कुंडली लेकिन 23 फरवरी को ही मंगल मार्स इसमें आ जाएंगे। एक्वेरियस में आ जाएंगे यानी कि कुंभ में आ जाएंगे। वहां पर राहु का गोचर हो रहा है। तो मंगल की
फोर्थ आस्पेक्ट पड़ेगी टॉरस के ऊपर। शनि की फोर्थ आस्पेक्ट टॉरस के ऊपर है और दोनों ही जो ऐसे ग्रह हैं जो झगड़े के कारक हैं। शनि के कारण अस्थिरता आती है। जब शनि मीन राशि में आता है अनरेस्ट बढ़ता है। 29 मार्च को पिछले साल शनि मीन राशि में आए। उसके बाद से आप देखिए फ्रांस में क्राइसिस, बांग्लादेश में क्राइसिस, जापान में क्राइसिस, ईरान में क्राइसिस, दुनिया सड़कों पे है। हर जगह पर मींस इकॉनमीज़ में डिस्टरबेंस हो रही है और यह आगे भी चलता रहेगा जब तक शनि मीन राशि में
है लेकिन अग्रेशन वह बढ़ेगा मंगल और राहु के कारण क्योंकि राहु इस समय अपने नक्षत्र में चल रहे हैं। मंगल और साथ हो जाएंगे और राहु का नक्षत्र 2 अगस्त तक यही रहेगा। मंगल साथ हो जाएंगे तो अल्टीमेटली क्राइसिस बढ़ेगा लेकिन अब यदि हम इसको देखते हैं कि दो नंबर राशि से क्या सिर्फ ईरान के ऊपर प्रभाव पड़ेगा ? तो क्या अब यह अटैक वह लंबा चलेगा ?
22 जून की कुंडली देखिए। 22 जून 2025 की कुंडली में 22 जून को लगभग दोपहर 1:00 बजे का समय था जब अटैक हुआ था। जो ऑनलाइन इनेशन है वह 1:00 बजे का समय ही बता रही है। इंडियन टाइम के हिसाब से तो वैसे भी 2:00 बजे का भी निकाल लेंगे, 3:00 बजे का भी निकाल लेंगे। तो मंगल केतु साथ ही आएंगे। तो यहां पर मंगल केतु साथ है। यह 22 जून की कुंडली है। यहां पर इस पर अटैक हुआ और अटैक के बाद नेगोशिएशन शुरू हो गई। अब जब आज अटैक हुआ है तो यहां पर कॉमन चीज देखिए। अब वही मंगल 6 महीने बाद दोबारा घूमकर राहु के साथ आ गए। अब मंगल राहु एक
साथ है। मंगल की दृष्टि है। टॉरस के ऊपर डिफेंडिंग कोई नजर नहीं आ रही, इस समय जुपिटर वक्री चल रहे हैं। यह बेसिकली प्रोटेक्शन देने वाला ग्रह होता है। किसी भी स्थिति में प्रोटेक्शन देता है तो वक्री है। तो अल्टीमेटली जब यह मार्गी होंगे गुरु मार्गी होंगे तब तक चीजें थोड़ी सी डिस्टर्ब रहनी चाहिए। इजराइल 70 हजार रिजर्व फोर्स जो है वो उसके लिए तैयार कर रहा है।
गुरु 11 मार्च को मार्गी हो जाएंगे। उसके बाद चीजें सुधरनी चाहिए या नेगोशिएशन खुलनी चाहिए लेकिन 3 मार्च को जब मंगल राहु के नक्षत्र में आ जाएंगे तो उसके बाद चीजें बिगड़ भी सकती हैं। यानी कि 3 मार्च से लेकर 11 मार्च का समय क्रूशियल है। मंगल इस समय धनिष्ठा में है, शनि इस समय अपने नक्षत्र में है। राहु इस समय सतशा में है। यानी कि तीनों ही पाप ग्रह अपने-अपने नक्षत्र में होकर बहुत पावरफुल है। जो प्रोटेक्शन होती है गुरु वह वीक है, मरकरी इस समय वीक है। शुक्र भी इस समय वीक है। शुक्र आप देखिए पिसे हुए हैं। राहु, केतु, सूर्य के बीच सब सब ग्रह घेरे बैठे हैं। तो तीन पॉजिटिव ग्रह वीक हैं और
नेगेटिव ग्रह तीनों ही अपने नक्षत्र में है तो अल्टीमेटली चीजें गड़बड़ होने की तरफ ज्यादा इशारा कर रही हैं। लेकिन जैसे ही गुरु 11 मार्च को ठीक होंगे उसके बाद हो सकता है नेगोशिएशन की टेबल खुलेंगे और 20 मार्च को मंगल राहु के नक्षत्र से निकल के गुरु के नक्षत्र में चले जाएंगे। गुरु मार्गी होंगे और इसी बीच 20 मार्च को ही शुक्र बुध भी आपके मार्गी हो जाएंगे। और तीनों जब प्लनेट ठीक पोजीशन में आ जाएंगे तो 20 मार्च के बाद चीजें बहुत अलग होनी चाहिए। सारी चीजें एक तरफा नहीं जाएंगी। हालांकि इसका असर जरूर नजर आएगा। कुछ लोगों को निफ्टी लगेगा कि शॉर्ट कर दो। कुछ लोगों को लगेगा कि गोल्ड में लॉन्ग हैवी पोजीशन बना लो, सिल्वर में हैवी बना लो, क्रूड में हैवी बना लो। ठीक है? अपनी स्ट्रेटजी जरूर अपनाइएगा। लेकिन यह डेट्स जरूर ध्यान में रखिएगा। 3 मार्च के बाद एस्केलेट हो सकता है। बहुत पॉसिबल है कि ज्यादा
एस्केलेट हो जाए। 11 मार्च के बाद चीजें टोन डाउन भी हो सकती हैं। 20 मार्च के बाद टोटली वाइंड अप भी हो सकता है। एस्ट्रोलॉजी यह इंडिकेट कर रही है। यह हल्के-हल्के इवेंट है। 2 अप्रैल तक मंगल राहु के साथ रहेगा। मंगल राहु 1 डिग्री पर आएंगे तो थोड़ा सा ज्यादा खतरनाक हो जाएगा। एक ही डिग्री के ऊपर एक्सिस में आ जाएंगे तो थोड़ा सा ज्यादा खतरनाक हो जाएगा।
यदि मंगल शनि के ऊपर से गुजरेगा तो भी थोड़ा सा ज्यादा खतरनाक क्योंकि 2 अप्रैल से लेकर 11 मई तक उसने फिर वहीं पर रहना है। इसी बीच कुछ ना कुछ चीजें क्योंकि हिस्टोलजिकली पॉजिटिव भी हो रही हैं तो इसको थोड़ा सा जरूर कंसीडर करके चलेंगे। हो सकता है कि पूर्णिमा के दिन ही चीजें खत्म हो जाए। जिस दिन टॉप लगना है, हमारे बाजार के ऊपर वैसे ज्यादा असर नहीं आएगा। सबको याद होगा 22 फरवरी 2000, 22 को 24 फरवरी 2022 को बाजार गिरा हमारा निफ्टी 4%-4.5% गिरा फिर वापस घूम गया। एक दिन का असर होता है हमारे यहां पर नजर आता है। हालांकि ईरान के केस में वैसा थोड़ा सा डिफरेंट है क्योंकि ऑयल सप्लाई रुकेगी, क्रूड सप्लाई रुकेगी। यदि चाइना इन्वॉल्व होता है, रशिया इन्वॉल्व होता है तो उसके नतीजे कुछ और भी हो सकते हैं। लंबा भी चल सकता है। एस्ट्रोलॉजिकली 11 मार्च को ध्यान में रखिएगा, यहां पर चीजें टोन डाउन हो सकती है। 20 मार्च को ध्यान में रखिएगा, यहां पर चीजें टर्नर हो सकती है।
नरेश कुमार
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