Inspirational Story : क्या आप जानते हैं, असफल लोग ही क्यों बनते हैं सबसे सफल ?
punjabkesari.in Wednesday, Apr 01, 2026 - 01:12 PM (IST)
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Inspirational Story : एक राजा के दरबार में विदेशी आगंतुक आया और उसने उन्हें एक सुंदर पत्थर उपहार में दिया। राजा वह पत्थर देख कर बहुत प्रसन्न हुआ। उसने उस पत्थर से भगवान की प्रतिमा का निर्माण कर उसे राज्य के मंदिर में स्थापित करने का निश्चय किया।
राजा ने यह कार्य राज्य के महामंत्री को सौंप दिया। महामंत्री राज्य के सर्वश्रेष्ठ मूर्तिकार के पास गया और उसे वह पत्थर देते हुए बोला, ‘‘महाराज मंदिर में भगवान की प्रतिमा स्थापित करना चाहते हैं। सात दिन के भीतर इस पत्थर से भगवान की प्रतिमा तैयार कर राजमहल पहुंचा देना। इसके बदले तुम्हें 50 स्वर्ण मुद्राएं दी जाएंगी।’’ महामंत्री के जाने के बाद मूर्तिकार पत्थर तोड़ने के लिए उस पर हथौड़े से वार करने लगा, किन्तु पत्थर जस का तस रहा। मूर्तिकार ने हथौड़े के कई वार पत्थर पर किए किन्तु पत्थर नहीं टूटा।
पचास बार प्रयास करने के उपरांत मूर्तिकार ने अंतिम बार प्रयास करने के उद्देश्य से हथौड़ा उठाया, किन्तु यह सोचकर हथौड़े पर प्रहार करने के पूर्व ही उसने हाथ खींच लिया कि जब पचास बार वार करने से पत्थर नहीं टूटा, तो अब क्या टूटेगा ?
वह पत्थर लेकर वापस महामंत्री के पास गया और उसे यह कह वापस कर आया कि इस पत्थर को तोड़ना मेरे वश का नहीं है और इसे तोड़े बिना प्रतिमा नहीं बन सकती। महामंत्री को राजा का आदेश हर स्थिति में पूर्ण करना था। इसलिए उसने प्रतिमा निर्मित करने का कार्य एक साधारण से मूर्तिकार को सौंप दिया। मूर्तिकार ने महामंत्री के सामने ही पत्थर पर हथौड़े से प्रहार किया और वह एक बार में ही टूट गया। पत्थर टूटने के बाद मूर्तिकार प्रतिमा बनाने में जुट गया।
इधर, महामंत्री सोचने लगा कि काश पहले मूर्तिकार ने एक अंतिम प्रयास और किया होता तो सफल हो गया होता और 50 स्वर्ण मुद्राओं का हकदार बनता। महामंत्री ने विचार किया कि यदि जीवन में सफलता हासिल करनी है, तो बार-बार असफल होने पर भी प्रयास करना नहीं छोड़ना चाहिए।
