Hindu New Year 2026: आज से शुरू होगा विक्रम संवत 2083, जानें क्या रहेगा इसका प्रभाव और महत्व

punjabkesari.in Thursday, Mar 19, 2026 - 08:59 AM (IST)

Hindu New Year 2026: हिंदू धर्म में नववर्ष केवल एक नई तारीख की शुरुआत नहीं, बल्कि नई ऊर्जा, संकल्प और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक माना जाता है। वर्ष 2026 में हिंदू नववर्ष 19 मार्च, गुरुवार से शुरू हो रहा है, जो चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन मनाया जाता है। इसी दिन से चैत्र नवरात्रि का भी शुभारंभ होगा और देशभर में धार्मिक उत्सवों की धूम रहेगी।

PunjabKesari Hindu New Year 2083 predictions

विक्रम संवत 2083 का होगा आगाज
भारतीय पंचांग के अनुसार, 19 मार्च 2026 से विक्रम संवत 2083 की शुरुआत होगी। अंग्रेजी कैलेंडर के विपरीत, सनातन परंपरा में नववर्ष का आरंभ प्रकृति के नवजीवन और ऋतु परिवर्तन के साथ जुड़ा होता है, जो इसे विशेष बनाता है।

PunjabKesari Hindu New Year 2083 predictions

क्या है संवत 2083 का नाम?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर संवत्सर का एक विशेष नाम होता है। विक्रम संवत 2083 को ‘रौद्र संवत्सर’ कहा जाएगा। ‘रौद्र’ भगवान शिव का एक स्वरूप है, जो शक्ति, अनुशासन और परिवर्तन का प्रतीक माना जाता है। यह संकेत देता है कि आने वाला वर्ष वैश्विक स्तर पर बड़े बदलावों और कड़े निर्णयों का साक्षी बन सकता है।

PunjabKesari Hindu New Year 2083 predictions

इस बार राजा गुरु और मंत्री मंगल
नववर्ष के पहले दिन के आधार पर वर्ष का राजा और मंत्री तय होते हैं। चूंकि इस बार नववर्ष गुरुवार से शुरू हो रहा है, इसलिए वर्ष के राजा देवगुरु बृहस्पति (गुरु) होंगे। वहीं मंत्री मंगल देव होंगे।

राजा गुरु का प्रभाव: शिक्षा, धर्म और आध्यात्मिकता में वृद्धि, समाज में नैतिक मूल्यों का उत्थान।

मंत्री मंगल का प्रभाव: कड़े निर्णय, प्रशासनिक सख्ती, रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में प्रगति।

यह संयोजन दर्शाता है कि वर्ष 2026 में संतुलन के साथ सशक्त निर्णय देखने को मिलेंगे।

PunjabKesari Hindu New Year 2083 predictions

संवत 2083 में होंगे 13 महीने
इस वर्ष की एक खास विशेषता यह है कि इसमें अधिक मास (मलमास) जुड़ने के कारण 13 महीने होंगे। सामान्यतः हिंदू वर्ष 354 दिनों का होता है, लेकिन अधिक मास के कारण यह लगभग 384 दिनों का हो जाएगा। यह समय पूजा-पाठ, तप और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

PunjabKesari Hindu New Year 2083 predictions

पौराणिक और वैज्ञानिक महत्व
धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी। वहीं वैज्ञानिक दृष्टि से यह ऋतु परिवर्तन का समय होता है, जब प्रकृति में नवजीवन का संचार होता है। पेड़ों पर नई पत्तियां आती हैं और फसलें पकती हैं।

इसी दिन देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों से नववर्ष मनाया जाता है। महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा, दक्षिण भारत में उगादी और उत्तर भारत में चैत्र नवरात्रि।

राशियों पर कैसा रहेगा प्रभाव?
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, राजा गुरु और मंत्री मंगल का प्रभाव विशेष रूप से मिथुन, तुला, धनु और मीन राशि के जातकों के लिए शुभ रहेगा। इन राशियों को करियर, शिक्षा और आर्थिक क्षेत्र में लाभ के योग बनेंगे।

हिंदू नववर्ष 2026 न केवल धार्मिक बल्कि ज्योतिषीय और वैज्ञानिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। विक्रम संवत 2083 नई ऊर्जा, बदलाव और सकारात्मक अवसरों का संकेत दे रहा है।

PunjabKesari Hindu New Year 2083 predictions

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

 

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Niyati Bhandari

Related News