Falgun Amavasya: फाल्गुन अमावस्या पर आप भी आजमाएं ये उपाय, जीवन में आने वाले कष्टों को कहें Bye- Bye
punjabkesari.in Wednesday, Feb 26, 2025 - 02:13 PM (IST)
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शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
Falgun Amavasya 2025: फाल्गुन माह की अमावस्या तिथि 27 फरवरी 2025 को है। शास्त्रों और पुराणों के अनुसार, यह दिन कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण है और इसे विशेष धार्मिक अनुष्ठान करने का दिन माना जाता है। तो आइए जानते हैं इस दिन (Phalgun Amavasya 2025) पर किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए, जिससे जीवन में आने वाले कष्टों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। फाल्गुन अमावस्या से जुड़ी कई पुरानी परंपराएं और अनुष्ठान हैं, जिन्हें करने से जीवन में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस बार फाल्गुन अमावस्या पर आप भी आजमा कर देखें, शास्त्रों में बताए गए ये उपाय-
पितृ दोष निवारण:
अगर किसी व्यक्ति के जीवन में पितृ दोष या अन्य कोई पारिवारिक कष्ट हो, तो इस दिन पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध करना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।
मौन व्रत और ध्यान:
इस दिन कुछ लोग मौन व्रत रखते हैं और ध्यान करते हैं। शास्त्रों के अनुसार, यह दिन आत्मिक उन्नति और पापों से मुक्ति के लिए उत्तम माना गया है।
शिव पूजा:
विशेष रूप से शिव भक्त इस दिन भगवान शिव की पूजा करते हैं और उनका अभिषेक करते हैं। भगवान शिव को "पशुपति" और "महादेव" के रूप में पूजा जाता है, ताकि जीवन में समृद्धि और शांति बनी रहे।
फाल्गुन माह की पूजा विधि:
स्वच्छता और तैयारी:
फाल्गुन अमावस्या के दिन प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ कपड़े पहनने चाहिए। घर में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए घर की सफाई की जाती है।
भगवान शिव और पितरों की पूजा:
इस दिन विशेष रूप से भगवान शिव और पितरों की पूजा की जाती है। शिवलिंग पर जल, दूध, शहद और बेलपत्र अर्पित किए जाते हैं। इसके बाद पितरों के लिए तर्पण किया जाता है, जिसमें जल अर्पित किया जाता है और उन्हें श्रद्धा पूर्वक नमन किया जाता है।
घी का दीपक जलाना:
घर में शांति और सुख-समृद्धि के लिए इस दिन घी का दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। विशेष रूप से पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाने का महत्व है, क्योंकि पीपल के वृक्ष को पूजा जाता है और इसे देवी-देवताओं का वास माना जाता है।