नवरात्रों के दूसरे दिन लाख श्रद्धालु ने किए मां विंध्याचल के दर्शन

2020-10-19T17:52:17.967

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जैसे ही शारदीय नवरात्रि की पर्व आरंभ हुआ है तब से ही भक्त अपनी मां को रिझाने-मनाने में लगे हैं। हालांकि कोरोना का कहर अभी भी देश पर छाया हुआ है। फिर भी लोग पूरी भक्ति भाव से तथा कोरोना के नियमों का पालन करते हुए देवी मां के शक्तिपीठों के दर्शनों के लिए जा रहे हैं। इसी बीच खबर आई है, विंध्याचवल पर्वत पर विराजमान मां विंध्यावासिनी के दरबार की। खबरों की मानें तो शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन यानि बीते दिन विंध्याचल में मां ब्रह्माचारिणी के लगभग 1 लाख लोगों ने दर्शन किए। इतना  ही नहीं बल्कि यहां लोगों ने विधि विधान से इनकी पूजा भी की। साथ ही विंध्या धाम में मां के आगे शीष झुकाने के बाद भक्तों ने अष्टभुजा और काली खोह मंदिर के दर्शन कर त्रिकोण परिक्रमा की। 
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बताया जा रहा है रविवार का अवकाश होने के कारण स्थानीय श्रद्धालुओं के अलावा आस-पास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शनों के लिए पहुंचे। मंदिर में कोरोना के मद्देनज़र की गई सुरक्षा की बात करें तो प्रत्येक साल के शारदीय नवरात्रि मेले की अपेक्षा में इस बार के यहां मेले में विंध्यधाम में भक्तों की भीड़ कम होने के कारण तीर्थ पुरोहित और पुलिस कर्मी भी आराम से दर्शन पूजन करवाते होते नज़र आए। इस दौरान भक्तों को भी किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई। इसके अलावा गंगा स्नान के लिए विंध्यधाम के गंगा घाटों पर भक्तों की भारी भीड़ दिखाई दी। इस दौरान गंगा स्नान कर भक्त सीधे मां के दरबार की तरफ़ जाने वाले रास्तों पर पहुंचे। 
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तो वहीं मंदिर परिसर में पहुंचने से पहले ही भक्त लाइन में खड़े दिखाई दे। मां विंध्यवासिनी के चरणों में सिर झुकाने के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में स्थित मां काली, सरस्वती, भगवान शिव व पवन पुत्र हनुमान का भी दर्शन पूजन किया, हवन कुण्ड की परिक्रमा कर अष्टभुजा और कालीखोह मंदिरों में दर्शन किया। 

इन मंदिरों में भी भक्तों की लंबी लाइनें दिखाई दीं। इसके अलावा कालीखोह में दर्शन पूजन कर भक्त मंदिर के पीछे स्थित सीढ़ी से पहाड़ी पर पहुंचे। जहां पहाड़ी के रास्ते अष्टभुजा मंदिर पर पहुंच कर दर्शन पूजन किए, मां अष्टभुजा का दर्शन पूजन कर भक्त त्रिकोण परिक्रमा करते हुए दिखाई दे। एडीएम यूपी सिंह की मानें तो रविवार को देर शाम तक लगभग 1 लाख भक्त मां के दरबार में उनका आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचे। इन सबके अतिरिक्त इतना ही नहीं शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन मंगला आरती के बाद मां विंध्यवासिनी के दर्शन पूजन के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ा दिखाई दिया। 
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Jyoti

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