Chaitra Navratri 2026 Prediction: चैत्र नवरात्रि 2026 में पालकी पर आएंगी मां दुर्गा, जानें देश-दुनिया और मौसम पर क्या होगा प्रभाव
punjabkesari.in Tuesday, Mar 17, 2026 - 03:05 PM (IST)
Chaitra Navratri 2026 Prediction: चैत्र नवरात्रि का आरंभ इस बार 19 मार्च से हो रहा है। नवरात्रि में इन पावन दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरुपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि में मां दुर्गा का आगमन और प्रस्थान तय करता है कि आने वाले दिनों पर कैसा प्रभाव देखने को मिलेगा। मां दुर्गा के वाहन नवरात्रि किस दिन से शुरु होगा और किस दिन समाप्त होगा इससे तय किया जाता है। पंडित सुधांशु तिवारी के अनुसार, चैत्र नवरात्रि का आरंभ इस बार 19 मार्च गुरुवार से होने वाला है। ऐसे में मां दुर्गा का वाहन पालकी होगा। आइए जानते हैं चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा का पालकी पर आने का कैसा प्रभाव रहने वाला है।

पालकी पर आगमन क्या कहता है शास्त्र?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में माता दुर्गा किस वाहन पर सवार होकर धरती पर आती हैं और किस वाहन से विदा होती हैं, इसका देश-दुनिया और प्रकृति पर गहरा प्रभाव पड़ता है। ज्योतिषाचार्य पंडित सुधांशु तिवारी का कहना है कि वर्ष 2026 की चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा का आगमन 'पालकी' (डोली) पर होगा।
शास्त्रों में माता का पालकी पर आना बहुत शुभ नहीं माना जाता है ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इसे प्राकृतिक आपदाओं और राजनीतिक उथल-पुथल का सूचक माना गया है। पालकी पर आगमन के संभावित प्रभाव हो सकते हैं

मौसम में अनिश्चितता
जब मां पालकी पर आती हैं, तो प्रकृति में अचानक बदलाव देखे जा सकते हैं। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि या तेज आंधी-तूफान आने की संभावना बनी रहती है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है

राजनीतिक अस्थिरता
देश और समाज में वैचारिक मतभेद बढ़ सकते हैं राजनीतिक क्षेत्र में उथल-पुथल या बड़े बदलाव के संकेत मिलते हैं।

स्वास्थ्य पर प्रभाव
पालकी पर आगमन को जन-स्वास्थ्य के लिए भी चिंताजनक माना जाता है इस दौरान मौसमी बीमारियों, संक्रमण और बुखार जैसी समस्याओं में वृद्धि हो सकती है।

हाथी पर विदाई देगी राहत
जहां माता का आगमन पालकी पर है, वहीं उनकी विदाई हाथी पर होगी। हाथी पर प्रस्थान को बेहद शुभ माना जाता है। यह सुख, समृद्धि और अच्छी वर्षा का प्रतीक है। आगमन के नकारात्मक प्रभावों को माता की हाथी पर विदाई काफी हद तक संतुलित कर देती है, जिससे अंततः समाज में खुशहाली लौटती है।
नकारात्मकता दूर करने के उपाय
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि पालकी पर आगमन से घबराने की आवश्यकता नहीं है यदि भक्त सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ मां की आराधना करें, तो हर संकट टल सकता है नवरात्रि के दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ करना और नौ दिनों का उपवास रखना अत्यंत फलदायी होता है इससे न केवल घर में शांति और समृद्धि आती है, बल्कि नकारात्मक ऊर्जा का नाश भी होता है चैत्र नवरात्रि आस्था, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व है।
आचार्य पंडित सुधांशु तिवारी
प्रश्न कुण्डली विशेषज्ञ/ ज्योतिषाचार्य
9005804317

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