Bakrid 2021: मस्जिदों में नहीं दिखी ईद की रौनक नहीं हुई सामूहिक नमाज

2021-07-22T10:12:27.527

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नई दिल्ली (नवोदय टाइम्स): दिल्ली में बुधवार को ईद-उल-अजहा के मौके पर अधिकतर लोगों ने नमाज घर में ही पढ़ी और मस्जिदों में सिर्फ मस्जिद के इमामों व खादिमों ने नमाज पढ़ी। कोरोना फैलने से रोकने के लिए शहर में त्योहार पर एकत्रित होने पर रोक है। वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी लोगों को बकरीद की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ट्वीट किया कि सभी देशवासियों को ईद-उल-अकाहा की दिल से मुबारकबाद। ये त्योहार आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि एवं खुशियां लेकर आए। 

जामा मस्जिद से लेकर शहर के ईदगाह और बाकी मस्जिदों में बकरीद पर हलचल और रौनक नदारद रही। पुरानी दिल्ली की जामा मस्जिद और फतेहपुरी मस्जिद भी लोगों के लिए बंद थी। भीड़ जमा न हो, इसके लिए मस्जिदों के बाहर पुलिस भी तैनात की गई थी। जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने कहा कि कोरोना संबंधी पाबंदियों के चलते सामूहिक रूप से नमाका पढऩे पर रोक है, केवल कुछ कर्मचारियों और उनके परिवार ने ही ईद-उल-अजहा की नमाका पढ़ी। इंडिया गेट स्थित मस्जिद के इमाम असद खान फलाही ने कहा कि लोगों को घर पर ही ईद मनाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों ने कई बैठकें की थीं। 

महामारी के मद्देनजर सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके, इसलिए ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन ने भी मस्जिदों के इमामों को अपील की थी कि वे मस्जिद में अजान के साथ ही यह ऐलान करें कि लोग घरों पर ही नमाज पढ़ें और कुर्बानी को लेकर भी ऐहतियात बरतें। पुरानी दिल्ली की तंग गलियों में जरूर कुछ मस्जिदें खुली थीं, लेकिन वहां भी सिर्फ लोग आए और इमाम से मिलकर, जकात अदा कर घर चले गए। ओखला, जामिया, सीमापुरी सहित कई जगह अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती नजर आई। ईद की मुबारकबाद देने के लिए कुछ जगहों पर पुलिस के पोस्टर के साथ सुरक्षित ईद मनाने की अपील भी दिखी। 


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Content Writer

Niyati Bhandari

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