April Panchak 2026 : वरुथिनी एकादशी पर लग रहा राज पंचक, जानें क्या करें और क्या नहीं ?

punjabkesari.in Wednesday, Apr 01, 2026 - 03:01 PM (IST)

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

April Panchak 2026 : सनातन धर्म और ज्योतिष शास्त्र में पंचक को एक ऐसा समय माना गया है, जिसमें कुछ विशेष कार्यों को करने की मनाही होती है। वर्ष 2026 में अप्रैल का महीना आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दौरान वरुथिनी एकादशी जैसा पुण्यदायी व्रत आ रहा है। लेकिन, इस बार वरुथिनी एकादशी के साथ राज पंचक का संयोग बन रहा है, जो इसे और भी विशिष्ट बना देता है।

पंचक क्या है और यह राज पंचक क्यों है?
ज्योतिष गणना के अनुसार, जब चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र के उत्तरार्ध, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र में गोचर करता है, तो उस समय को 'पंचक' कहा जाता है। सरल शब्दों में, जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में होता है, तो यह पांच दिनों का समय पंचक कहलाता है।

April Panchak 2026

राज पंचक का महत्व:
जब पंचक की शुरुआत सोमवार को होती है, तो उसे राज पंचक कहा जाता है। अप्रैल 2026 में पंचक का आरंभ सोमवार से हो रहा है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है, राज पंचक को अन्य पंचकों (जैसे मृत्यु पंचक या अग्नि पंचक) की तुलना में शुभ माना गया है। यह पंचक सरकारी कार्यों में सफलता, संपत्ति प्राप्ति और राजपद के लिए अनुकूल माना जाता है लेकिन फिर भी पंचक के बुनियादी वर्जित नियम यहां लागू रहते हैं।

अप्रैल 2026 राज पंचक और वरुथिनी एकादशी की तिथियां
वर्ष 2026 में वरुथिनी एकादशी और अप्रैल महीने के पंचक का समय कुछ इस प्रकार रहने की संभावना है:

राज पंचक प्रारंभ: 13 अप्रैल 2026 (सोमवार)
राज पंचक समाप्त: 17 अप्रैल 2026 (शुक्रवार)
वरुथिनी एकादशी: 13 अप्रैल 2026 (सोमवार)

विशेष संयोग: 13 अप्रैल को वरुथिनी एकादशी भी है और इसी दिन से राज पंचक भी शुरू हो रहा है। वरुथिनी एकादशी का व्रत सौभाग्य प्रदान करने वाला और पापों को नष्ट करने वाला माना जाता है। ऐसे में राज पंचक के दौरान किया गया दान और भगवान विष्णु का पूजन अक्षय फल प्रदान करेगा।

राज पंचक में क्या न करें ?

भले ही राज पंचक को शुभ फल देने वाला माना गया है लेकिन शास्त्रों के अनुसार पंचक के दौरान निम्नलिखित 5 कार्यों को करना वर्जित माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इन कार्यों को करने से हानि पांच गुना बढ़ जाती है:

लकड़ी का संचय: पंचक के दौरान लकड़ी, घास या ईंधन इकट्ठा नहीं करना चाहिए। इससे अग्नि का भय बना रहता है।

दक्षिण दिशा की यात्रा: दक्षिण दिशा को यम की दिशा माना गया है। पंचक के दौरान इस दिशा में यात्रा करना कष्टकारी हो सकता है।

घर की छत डलवाना: यदि आप घर बनवा रहे हैं, तो पंचक के दौरान लेंटर या छत डालने का कार्य टाल देना चाहिए।

चारपाई या बिस्तर बनाना: पंचक काल में नई चारपाई बुनना या नया बेड/गद्दा खरीदना शुभ नहीं माना जाता।

अंतिम संस्कार में विशेष सावधानी: पंचक में यदि किसी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके साथ 5 पुतले बनाकर जलाने का विधान है, ताकि परिवार पर आने वाले 'पंचक दोष' को शांत किया जा सके।

April Panchak 2026

क्या करें ? (वरुथिनी एकादशी और राज पंचक का लाभ)

वरुथिनी एकादशी का व्रत
इस दिन भगवान विष्णु के मधुसूदन रूप की पूजा करें। राज पंचक में किए गए धार्मिक अनुष्ठान आपको मान-सम्मान दिलाते हैं। वरुथिनी एकादशी के प्रभाव से व्यक्ति को भौतिक सुख और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है।

सरकारी और संपत्ति संबंधी कार्य
राज पंचक सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों या राजनीति से जुड़े लोगों के लिए अच्छा होता है। इस दौरान आप नई योजनाओं की रूपरेखा बना सकते हैं। भूमि-भवन से जुड़े कागजी काम किए जा सकते हैं, बशर्ते निर्माण कार्य शुरू न हो।

 दान और पुण्य
एकादशी के दिन तिल, अन्न, जल और सोने का दान करना श्रेष्ठ है। पंचक के दौरान किया गया दान आने वाले समय में आपके ऐश्वर्य में वृद्धि करता है।

April Panchak 2026
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Prachi Sharma

Related News