आज का पंचांग- 11 अप्रैल, 2026

punjabkesari.in Saturday, Apr 11, 2026 - 07:27 AM (IST)

Aaj Ka Panchang: आज का दिन आत्मनिरीक्षण, संयम और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत उपयुक्त है। ग्रहों की स्थिति व्यक्ति को भीतर की ओर देखने और अपने कर्मों का मूल्यांकन करने के लिए प्रेरित करती है। उचित समय का ध्यान रखते हुए यदि कार्य किए जाएं, तो सफलता और संतोष दोनों प्राप्त हो सकते हैं।

आज का दिन वैशाख कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि से प्रारंभ होकर मध्यरात्रि 12:38 के पश्चात दशमी तिथि में प्रवेश करता है। यह समय आध्यात्मिक साधना, आत्मचिंतन तथा संयम के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है। नवमी तिथि देवी शक्ति से संबंधित मानी जाती है, जबकि दशमी विजय और धर्म की स्थापना का प्रतीक है।

Aaj Ka Panchang

खगोलीय स्थिति एवं ग्रह योग
आज सूर्योदय के समय ग्रहों की स्थिति विशेष ध्यान देने योग्य है। सूर्य, मंगल, बुध और शनि मीन राशि में स्थित होकर एक गहन आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर रहे हैं। यह योग अंतर्मुखता, भावनात्मक गहराई और तपस्या का संकेत देता है। चंद्रमा मकर राशि में स्थित होकर कर्म और अनुशासन की ओर प्रेरित करता है।

गुरु का मिथुन में होना ज्ञान-विस्तार और संवाद की शक्ति को बढ़ाता है, वहीं शुक्र मेष में स्थित होकर संबंधों में उत्साह और आवेग ला सकता है। राहु कुंभ में और केतु सिंह में स्थित होकर कर्म और आत्मगौरव के बीच संतुलन बनाने का संकेत देते हैं।

नक्षत्र एवं योग का प्रभाव
आज का प्रमुख नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है, जो दोपहर 1:40 तक प्रभावी रहेगा। यह नक्षत्र विजय, धैर्य और स्थिरता का प्रतीक है। इसके बाद श्रवण नक्षत्र प्रारंभ होगा, जो श्रवण, ज्ञान और मार्गदर्शन से जुड़ा हुआ है।

योग की बात करें तो सिद्ध योग सायं 6:39 तक रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है। इसके पश्चात साध्य योग आरंभ होगा, जो प्रयासों के माध्यम से सफलता प्राप्त करने का संकेत देता है।

Aaj Ka Panchang

शुभ-अशुभ समय
आज राहुकाल प्रातः 9:00 से 10:30 बजे तक रहेगा, इस समय किसी भी नए कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए। दिशा शूल पूर्व और ईशान दिशा में है, अतः इन दिशाओं की यात्रा टालना उचित रहेगा।

सूर्योदय प्रातः 6:09 बजे और सूर्यास्त सायं 6:49 बजे होगा, जिससे दिन की अवधि संतुलित और कार्य के लिए अनुकूल है।

धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व
विक्रमी संवत 2083, शक संवत 1948 तथा हिजरी 1447 के अनुसार यह दिन विभिन्न परंपराओं का संगम दर्शाता है। नवमी से दशमी का संक्रमण धर्म की ओर अग्रसर होने का प्रतीक है। यह दिन साधना, व्रत, जप और ध्यान के लिए विशेष फलदायी माना गया है।

Aaj Ka Panchang

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Niyati Bhandari

Related News