3rd Mangala Gauri Vrat Upay 2026 : तीसरे मंगला गौरी व्रत पर करें ये खास उपाय, मंगल दोष होगा शांत और विवाह के बनेंगे योग
punjabkesari.in Monday, Aug 17, 2026 - 02:14 PM (IST)
3rd Mangala Gauri Vrat Upay 2026 : सनातन धर्म में सावन का महीना शिव जी की पूजा के लिए बहुत खास माना जाता है, तो वही सावन में आने वाले हर मंगलवार माता पार्वती को समर्पित मंगला गौरी व्रत रखा जता है। माना जाता है कि इस दिन मंगला गौरी की पूजा-अर्चना करने से अखंड सौभाग्य, सुखी वैवाहिक जीवन और संतान सुख की प्राप्ति होती है। सावन का तीसरा मंगला गौरी व्रत उन लोगों के लिए बहुत खास माना जाता है, जिनकी कुंडली में मंगल दोष है या विवाह में लगातार कोई रुकवटें आ रही हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सावन के तीसरे मंगला गौरी पर कुछ खास उपायों के करने से मंगल देव शांत होते हैं और मवचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं कि तीसरे मंगला गौरी व्रत पर कौन से उपाय करने चाहिए।
मां मंगला गौरी को अर्पित करें 16 श्रृंगार वस्तुएं
सावन के तीसरे मंगला गौरी व्रत के पर मां पार्वती को 16 श्रृंगार वस्तुएं अर्पित करें। पूजा के बाद इन चीजों को किसी सुहागिन स्त्री या ब्राह्मणी को दान करें। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहती है और पति की आयु लंबी होती है।
शीघ्र विवाह के लिए 16 गांठों वाला कलावा उपाय
यदि किसी के विवाह में बाधा आ रही है, तो तीसरे मंगला गौरी व्रत के दिन एक लाल कलावा लें और उसमें 16 गांठें लगाएं। पूजा करते समय इस कलावे को मां मंगला गौरी के चरणों में रख दें और जल्द शादी होने की कामना करें। पूजा समाप्त होने के बाद इस कलावे को अपनी दाहिनी कलाई पर बांध लें।

मंगल दोष निवारण के लिए गुड़ और लाल मसूर का दान
कुंडली के मंगल दोष को शांत करने के लिए तीसरे मंगला गौरी व्रत पर लाल रंग की वस्तुओं का दान करना अत्यंत फलदायी होता है। इस दिन किसी जरूरतमंद को लाल मसूर की दाल, गुड़, तांबे के बर्तन या लाल वस्त्र दान करें। इससे मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव समाप्त होते हैं।
हनुमान जी और शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा
मंगलवार के दिन देवी पार्वती के साथ-साथ हनुमान जी की पूजा करना भी मंगल दोष को दूर करता है। हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें तथा हनुमान चालीसा का पाठ करें। इससे जीवन से अमंगल दूर होता है और कार्यों में आ रही रुकावटें खत्म होती हैं।
16 मोदक या बेसन के लड्डू का भोग
तीसरे मंगला गौरी व्रत की पूजा में माता रानी को 16 मोदक, बेसन के लड्डू या 16 तरह के फल अर्पित करें। पूजा के बाद यह प्रसाद परिवार में बांटें। इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
