108 साल की उम्र में कांवड़ लेकर पहुंचीं धनी बाई, महाकाल की भक्ति ने किया सबको भावुक

punjabkesari.in Saturday, Aug 22, 2026 - 12:50 PM (IST)

उज्जैन : आस्था और भक्ति की कोई उम्र नहीं होती, यह बात उज्जैन में 108 वर्ष से अधिक उम्र की धनी बाई ने साबित कर दिखाई। श्रावण मास में धनी बाई कांवड़ लेकर बाबा महाकाल के दरबार पहुंचीं। उनकी अनोखी कांवड़ यात्रा ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं और लोगों को भावुक कर दिया।

धनी बाई के एक हाथ में कांवड़ थी, तो दूसरे हाथ में डमरू। वह भक्ति में लीन होकर कांवड़ यात्रा के साथ आगे बढ़ती रहीं और बाबा महाकाल के दर्शन किए। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनके उत्साह और श्रद्धा ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा। धनी बाई की कांवड़ यात्रा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। डमरू की थाप और बाबा महाकाल के जयकारों के बीच उन्होंने मंदिर पहुंचकर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। उनकी भक्ति और दृढ़ इच्छाशक्ति को देखकर श्रद्धालुओं ने इसे आस्था की अद्भुत मिसाल बताया।

धनी बाई की यह यात्रा संदेश देती है कि सच्ची श्रद्धा के सामने उम्र भी बाधा नहीं बनती। 108 वर्ष की उम्र में कांवड़ लेकर महाकाल के दरबार तक पहुंचना उनके अटूट विश्वास और बाबा महाकाल के प्रति गहरी आस्था को दर्शाता है। उनकी इस अनोखी यात्रा की तस्वीरें और वीडियो भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।

बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर): झारखंड के देवघर में कांवरियों का तांता लगा हुआ है, जहां लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगाजल लेकर बाबा का जलाभिषेक कर रहे हैं।

सोमनाथ और मल्लिकार्जुन: गुजरात के प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ और दक्षिण के प्रमुख ज्योतिर्लिंग मल्लिकार्जुन धाम में भी हर दिन हजारों-लाखों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं।

-विशाल ठाकुर, उज्जैन


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Content Editor

Sarita Thapa

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