बाजार में बढ़ता भरोसा, क्या बैंकिंग सेक्टर दिलाएगा निफ्टी को नई ऊंचाई?
punjabkesari.in Saturday, Jul 04, 2026 - 04:50 PM (IST)
भारतीय शेयर बाजार अब ऐसे दौर में प्रवेश करता दिखाई दे रहा है, जहां केवल सूचकांक नहीं बल्कि सेक्टरों की बदलती ताकत अगले चरण की तेजी तय करेगी। पिछले सप्ताह निफ्टी ने ट्रेंडलाइन के ऊपर मजबूती बनाए रखते हुए यह संकेत दिया कि खरीदार धीरे-धीरे बाजार पर पकड़ मजबूत कर रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह रही कि इंडेक्स ने दो सप्ताह पहले बने डोजी कैंडल के उच्च स्तर को पार कर अनिश्चितता को पीछे छोड़ते हुए तेजी के पक्ष में संकेत दिए हैं।
हालांकि 24,490–24,510 का क्षेत्र अभी भी सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है और इसके ऊपर टिकने पर ही 24,630 से 24,860 तक की नई तेजी देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर 24,060–24,080 का क्षेत्र निकट अवधि का महत्वपूर्ण समर्थन रहेगा, जबकि 23,800 के आसपास का स्तर मजबूत आधार का काम कर सकता है। 24,500 स्ट्राइक पर सबसे अधिक कॉल ओपन इंटरेस्ट तत्काल प्रतिरोध का संकेत देता है, जबकि 24,000 स्ट्राइक पर मजबूत पुट ओपन इंटरेस्ट बाजार को मजबूत आधार प्रदान कर रहा है। लगभग 1 का PCR यह दर्शाता है कि बाजार में फिलहाल घबराहट नहीं है और ऊपर की ओर बढ़ने की संभावना बनी हुई है। इस पूरे बाजार में यदि किसी सेक्टर ने सबसे अधिक मजबूती दिखाई है तो वह बैंकिंग सेक्टर है।
बैंक निफ्टी फिलहाल तेजी के बीच स्वस्थ कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रहा है, जो कमजोरी नहीं बल्कि अगली बड़ी चाल से पहले आधार बनने का संकेत देता है। चार्ट पर बना गैप पूरी तरह भर चुका है और अब मामूली प्रतिरोध की भूमिका निभा रहा है। 58,740–58,760 के ऊपर निर्णायक बंद होने पर बैंक निफ्टी 59,600 से 60,000 की ओर बढ़ सकता है, जबकि 57,200 के आसपास स्थित 200-DMA निकट अवधि का महत्वपूर्ण सहारा रहेगा।
बैंकिंग सेक्टर के भीतर भी नेतृत्व में बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। निजी क्षेत्र के बैंक लगातार मजबूत हो रहे हैं, जबकि हाल के महीनों में शानदार प्रदर्शन करने वाले PSU बैंकों में सीमित मुनाफावसूली देखने को मिल रही है, जिसे फिलहाल स्वस्थ करेक्शन माना जा सकता है। बाजार की एक और सकारात्मक विशेषता यह है कि अब तेजी केवल कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बाजार में भागीदारी का दायरा लगातार बढ़ रहा है। मेटल और CPSE सूचकांक भी मजबूत तकनीकी सपोर्ट से वापसी के संकेत दे रहे हैं, जिससे अल्पकालिक ट्रेडिंग अवसर बन सकते हैं। डेरिवेटिव आंकड़े भी संतुलित लेकिन सकारात्मक तस्वीर पेश कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार भी निवेशकों का मनोबल बढ़ा रहे हैं। डॉव जोंस नए रिकॉर्ड उच्च स्तर पर बंद हुआ है, जबकि नैस्डैक अपने शिखर के आसपास स्वस्थ कंसोलिडेशन करता दिखाई दे रहा है, जो वैश्विक जोखिम लेने की क्षमता का संकेत है।
घरेलू स्तर पर India VIX 12 के नीचे रहने से बाजार में भय का स्तर कम हुआ है, हालांकि प्रमुख प्रतिरोधों के आसपास उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कमोडिटी बाजार में सोना और चांदी अपने महत्वपूर्ण समर्थन स्तरों से वापसी करते दिखाई दिए हैं, जबकि कच्चे तेल की अपेक्षाकृत नरम कीमतें भारत जैसी ऊर्जा आयातक अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक बनी हुई हैं। कुल मिलाकर तकनीकी संकेतक, वैश्विक वातावरण, बैंकिंग सेक्टर की मजबूती और बढ़ती व्यापक भागीदारी यह संकेत देती है कि यदि निफ्टी 24,500 के ऊपर टिकने में सफल रहता है तो बाजार में नई तेजी की शुरुआत हो सकती है, जबकि गिरावट आने पर भी मजबूत समर्थन स्तरों तक इसे खरीदारी के अवसर के रूप में देखा जा सकता है।
- शशांक बंसल (SEBI रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट – INH000010715)
