₹5400000000000 के Bitcoin छुपाकर बैठा है वेनेजुएला! एक्सपर्ट्स का दावा
punjabkesari.in Wednesday, Jan 07, 2026 - 05:52 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों की नजर न सिर्फ देश के विशाल तेल भंडार (करीब 303 अरब बैरल) पर है, बल्कि संभावित बिटकॉइन होल्डिंग्स को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ जानकारों का दावा है कि वेनेजुएला की मादुरो सरकार के पास बड़ी मात्रा में बिटकॉइन हो सकते हैं, जिनकी वैल्यू 60 अरब डॉलर (करीब 5.40 लाख करोड़ रुपए) तक बताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ये बिटकॉइन बेचे जाते हैं या जब्त किए जाते हैं, तो इसका असर वैश्विक क्रिप्टो और वित्तीय बाजारों पर पड़ सकता है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वेनेजुएला के पास बिटकॉइन होने की अटकलें क्यों?
लैटिन अमेरिका की बिटकॉइन फर्म OranjeBTC के फाउंडर और सीईओ गुई गोम्स का कहना है कि अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते वेनेजुएला को लंबे समय तक वैश्विक वित्तीय सिस्टम से बाहर रहना पड़ा। ऐसे में सरकार ने वैकल्पिक संपत्तियों—जैसे सोना, डॉलर और संभवतः बिटकॉइन—का सहारा लिया हो सकता है।
उनके मुताबिक, “यह संभावना पूरी तरह खारिज नहीं की जा सकती कि वेनेजुएला के पास बिटकॉइन में अच्छी-खासी हिस्सेदारी हो।”
कितने बिटकॉइन हैं, यह जानना मुश्किल क्यों?
बिटकॉइन ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित है, जिससे लेनदेन पारदर्शी तो होते हैं, लेकिन मालिक की पहचान छिपी रहती है। इस वजह से यह पता लगाना बेहद मुश्किल है कि किसी देश या सरकार के पास कितना बिटकॉइन है और वह कहां रखा गया है।
डिजिटल पब्लिकेशन Project Brazen ने अज्ञात स्रोतों के हवाले से 60 अरब डॉलर के बिटकॉइन होने का दावा किया है, लेकिन ब्लॉकचेन एक्सपर्ट्स ने इस आंकड़े की पुष्टि नहीं की है।
कहां रखे हो सकते हैं ये बिटकॉइन?
गुई गोम्स के मुताबिक, अगर वेनेजुएला के पास बिटकॉइन हैं, तो वे संभवतः हजारों अलग-अलग वॉलेट्स में बंटे हो सकते हैं। इन वॉलेट्स पर सैन्य अधिकारियों और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों का नियंत्रण हो सकता है, जिससे इन्हें ट्रैक करना और भी मुश्किल हो जाता है।
क्रिप्टो से वेनेजुएला का पुराना रिश्ता
वेनेजुएला का क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ाव नया नहीं है। साल 2018 में सरकार ने ‘पेट्रो’ नाम का सरकारी टोकन लॉन्च किया था, जो बाद में असफल रहा और 2024 में बंद कर दिया गया। इसके अलावा, सरकार ने समय-समय पर बिटकॉइन माइनिंग पर सख्ती भी की—माइनर्स की गिरफ्तारी, संपत्ति जब्ती और अंततः प्रतिबंध लगाए गए।
अब बिटकॉइन का क्या होगा?
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वेनेजुएला से जुड़े बिटकॉइन अमेरिकी एजेंसियों के हाथ लगते हैं, तो उन्हें जब्त किया जा सकता है और वे अमेरिकी ट्रेजरी के पास जा सकते हैं। कुछ हिस्से को एक्सचेंज पर बेचे जाने की भी आशंका जताई जा रही है।
अगर बड़ी मात्रा में बिटकॉइन बाजार में आते हैं, तो इससे कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। हालांकि, फिलहाल यह सब अटकलों पर आधारित है और किसी भी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
