बजट से उम्मीदें: इस्पात कबाड़ को आयात मुक्त करने की उठी मांग

2020-01-19T17:52:29.577

बिजनेस डेस्क: बजट से पहले स्टेनलैस स्टील उद्योग ने सरकार से लौह मिश्रित निकल जैसे कच्चे माल और इस्पात कबाड़ को आयात शुल्क मुक्त करने की मांग रखी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को वित्तवर्ष 2020-21 का आम बजट पेश करने वाली हैं। घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए इंडियन स्टेनलैस स्टील डेवलपमेंट एसोसिएशन (आईएसएसडीए) ने सरकार को बजट में कुछ सुधारात्मक कदम उठाने के सुझाव दिए हैं। 

 

त्त मंत्रालय को भेजी अपनी सिफारिशों में एसोसिएशन ने सरकार से लौह-निकल जैसे कच्चे माल और इस्पात कबाड़ को शुल्क मुक्त करने की मांग की है। बयान के अनुसार लौह-निकल और स्टेनलैस स्टील का कबाड़ दो प्रमुख कच्चे माल हैं और इनकी देश में उपलब्धता काफी कम है। इसलिए इनका अनिवार्य तौर पर आयात किया जाना चाहिए। 


मौजूदा समय में इन दोनों उत्पादों पर ढाई प्रतिशत का सीमाशुल्क लगता है। लौह-निकल और इस्पात कबाड़ पर आयात शुल्क हटाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। इस्पात मंत्रालय ने भी इस समय इसके आयात को शून्य शुल्क दायरे में रखने की वकालत की है।


vasudha

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