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बाजार में लगा है प्याज का अंबार, फिर भी नहीं घट रहा दाम

2020-02-09T10:46:31.287

बिजनेस डेस्क: प्याज अब भी आपका महीने का बजट बिगाड़ रहा है। बाजार में तो प्याज का अंबार है तो ऐसा नहीं कहा जा सकता कि सप्लाई कम है इसलिए दाम मुंह चिढ़ा रहे हैं। दिल्ली की आजादपुर मंडी में रोज गुजरात और महाराष्ट्र से करीब 50 ट्रक प्याज पहुंच रहा है। यानी 20 टन प्याज रोज मंडी में पहुंच रहा है। फिर कैसे प्याज के दाम कम नहीं हो रहे।

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थोक मंडी में जहां प्याज का दाम 15 से 25 रुपए के बीच चल रहा है, वहीं रिटेलर इसे 40-60 रुपए किलो के भाव बेच रहे हैं। आमतौर पर विक्रेता ट्रांसपोर्टेशन, स्टोरेज आदि की लागत को देखते हुए दाम में 15 रुपए का माॢजन रखते हैं लेकिन 100 प्रतिशत का मार्जिन ग्राहकों की जेब पर असर डाल रहा है। कई ट्रेडर्स इसकी वजह नहीं बता पा रहे हैं। दिल्ली को सबसे ज्यादा प्याज की सप्लाई नासिक से होती है। पिछले कुछ हफ्तों में प्याज की औसत थोक कीमत में काफी कमी आई है। शुक्रवार को एक क्विंटल प्याज 1600 रुपए था, 31 जनवरी 2019 को यह 2600 रुपए था। 18 दिसम्बर को महाराष्ट्र की लासलगांव मंडी में औसत थोक भाव ऑल टाइम हाई यानी 8,625 रुपए प्रति क्विंटल था। लासलगांव प्याज की सबसे बड़ी प्याज मंडी है। इस हिसाब से देखें तो 16 दिसम्बर के बाद प्याज के थोक भाव में 81 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हो चुकी है।

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20 जनवरी को एक क्विंटल प्याज का थोक भाव 4100 रुपए था। यानी 20 जनवरी से अब तक इसमें 64 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है लेकिन रिटेल में प्याज उतना सस्ता नहीं हुआ है। मिड दिसम्बर से मिड जनवरी तक प्याज के थोक भाव 100 से 60 रुपए के बीच रहे लेकिन खुदरा ग्राहकों को यह 80 से 120 रुपए किलो के भाव मिलता रहा। नई दिल्ली के माता सुंदरी कॉलेज के पास प्याज स्टॉल पर यह 50 रुपए किलो के भाव बिक रहा था। इसी तरह दिल्ली के समसपुर में यह 55 से 60 रुपए के दाम पर बेचा जा रहा था। दुकानदार ने कहा कि प्याज के दाम घट रहे हैं और एक महीने में भाव 30-40 रुपए कम हो गए हैं। साऊथ दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में प्याज 50 रुपए के भाव बिक रहा था।

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थोक और खुदरा भाव में बड़े अंतर से हैरान व्यापारी
आजादपुर मंडी के अनियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के सैक्रेटरी श्रीकांत मिश्रा कहते हैं कि वह थोक और खुदरा भाव में बड़े अंतर से हैरान हैं। उन्होंने कहा कि प्याज की सप्लाई कम नहीं है लेकिन रिटेल दाम काफी ज्यादा हैं। उधर लासलगांव ए.पी.एम.सी. के अधिकारियों ने कहा कि देश में जहां भी प्याज का उत्पादन होता है, पिछले महीने ज्यादा ही हुआ है लेकिन डिमांड में कोई बदलाव नहीं आया। ऐसे में थोक मूल्य में कमी आई है। इस मंडी की चेयरपर्सन सुवर्णा जगताप ने कहा कि सरकार को प्याज व्यापारियों पर से रोक हटानी चाहिए चाहे वे थोक विक्रेता हों या खुदरा। 


vasudha

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