मोबाइल टैरिफ बढ़ाने की जरूरत, सुनील मित्तल ने कहा- मौजूदा दरों पर बाजार में बने रहना मुश्किल

2020-11-22T17:22:16.783

बिजनेस डेस्कः दूरसंचार सेवाप्रदाता कंपनी भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल का कहना है कि अभी मोबाइल सेवाओं की दरें तार्किक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा दरों पर बाजार में बने रहना मुश्किल है। इसलिए दरों में बढ़ोतरी जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस बारे में कोई निर्णय लेने से पहले बाजार की परिस्थितियों को देखा जाएगा। मित्तल ने एक साक्षात्कार में ये बातें कहीं। अगली पीढ़ी के 5जी नेटवर्क में चीन की दूरसंचार उपकरण विनिर्माताओं को भागीदारी की मंजूरी मिलेगी या नहीं, इस बारे में पूछे जाने पर मित्तल ने कहा कि बड़ा सवाल देश के निर्णय का है।

हम रेट बढ़ाने के पक्ष में
देश जो भी निर्णय लेगा, हर कोई उसे स्वीकार करेगा। उन्होंने कहा, जहां तक दूरसंचार सेवाओं की दरों का सवाल है, कंपनी ने (एयरटेल ने) इस बारे में अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। एयरटेल मजबूती से यह मानती है कि दरों में वृद्धि की जानी चाहिए। मित्तल ने कहा, 'मौजूदा दरें टिकाऊ नहीं हैं, लेकिन एयरटेल बिना बाजार के या नियामक के कदम उठाए खुद से पहल नहीं कर सकती है। उद्योग जगत को एक समय पर दरें बढ़ाने की जरूरत होगी। हमें ऐसा करते समय बाजार की परिस्थितियों को देखना होगा।' 

160 रुपए में 16 जीबी डेटा बड़ा संकट है
उल्लेखनीय है कि मित्तल ने इस साल अगस्त में इस बारे में टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि 160 रुपए में एक महीने के लिए 16 जीबी डेटा देना त्रासदी है। कंपनी का कहना रहा है कि टिकाऊ कारोबार के लिए प्रति ग्राहक औसत राजस्व को पहले 200 रुपए और धीरे-धीरे बढ़कर 300 रुपए तक पहुंचना चाहिए। सितंबर तिमाही में भारती एयरटेल का प्रति ग्राहक औसत राजस्व (एआरपीयू) 162 रुपए रहा था। यह राजस्व इससे पहले जून, 2020 तिमाही में 128 रुपए और जून, 2019 तिमाही में 157 रुपए रहा था।

इस सेक्टर में लगातार निवेश की जरूरत
मित्तल ने एक बार फिर से दूरसंचार क्षेत्र में कर की ऊंची दरों तथा अधिक शुल्कों की बात दोहरायी। उन्होंने कहा कि दूरसंचार क्षेत्र अधिक पूंजी लगाने की जरूरत वाला क्षेत्र है। इसमें नेटवर्क, स्पेक्ट्रम, टावर और प्रौद्योगिकी में लगातार निवेश करते रहने की जरूरत होती है।


jyoti choudhary

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