बिहार NEET आंदोलन में भारी हिंसा: 355 प्रदर्शनकारी भेजे गए जेल, 91 पुलिसकर्मी घायल

punjabkesari.in Monday, Jul 27, 2026 - 09:20 PM (IST)

नेशनल डेस्क: बिहार में NEET परीक्षा को लेकर हुए आंदोलन और 'बिहार बंद' के दौरान भड़की हिंसा पर पुलिस मुख्यालय ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्यभर में उपद्रव और हिंसा के आरोप में कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया था जिनमें से 355 लोगों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों में से 339 नाबालिगों और छात्रों को सत्यापन के बाद रिहा कर दिया गया जबकि हिंसक गतिविधियों में शामिल पाए गए अन्य आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय में पेश किया गया।

अधिकारियों पर हमला: एक BDO ने गंवाई आंख की रोशनी
विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद गंभीर रही। इस झड़प में 91 पुलिस पदाधिकारी और जवान घायल हुए हैं। घायलों में सीवान और सीतामढ़ी के पुलिस अधीक्षक (SP) के अलावा दो अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी भी शामिल हैं।

हिंसा का सबसे भयावह रूप सारण जिले में देखने को मिला, जहां सदर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) पर हुए हमले में उनकी एक आंख की रोशनी चली गई। उनका इलाज वर्तमान में आईजीआईएमएस (IGIMS) में चल रहा है। वहीं, रिविलगंज के BDO पर भी जानलेवा हमला हुआ जिनके सिर की गंभीर सर्जरी मेदांता अस्पताल में करनी पड़ी है। उपद्रवियों ने 14 सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया और एक वाहन को आग के हवाले कर दिया। घटना में 13 आम नागरिक भी घायल हुए हैं।

सीवान में AK-47 फायरिंग: सिपाही निलंबित
आंदोलन के दौरान सीवान में हुई AK-47 फायरिंग के मामले में पुलिस मुख्यालय ने स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस के मुताबिक, 25 जुलाई को जेपी चौक पर भीड़ से घिरने के बाद सिपाही अभिषेक कुमार ने आत्मरक्षा और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए हवा में चार राउंड फायरिंग की थी। हालांकि इस मामले में कार्रवाई करते हुए सिपाही अभिषेक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

तीन युवक गोली लगने से घायल, जांच जारी
फायरिंग के दौरान तीन युवक—मो. आरिफ, आकाश कुमार और बुलेट कुमार गौड़—गोली लगने से घायल हुए थे। पुलिस का दावा है कि ये युवक घटनास्थल (जेपी चौक) से लगभग डेढ़ से दो किलोमीटर दूर अलग-अलग स्थानों पर घायल हुए थे इसलिए सिपाही की फायरिंग से इनके घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। घायलों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। सीवान एसपी पूरन झा ने कहा कि पूरे मामले की संयुक्त जांच कमिश्नर और डीआईजी स्तर पर की जा रही है।


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Pardeep

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