अप्रैल-दिसंबर में पांच शीर्ष रियल एस्टेट कंपनियों की बिक्री बुकिंग 20% बढ़ी

punjabkesari.in Monday, Mar 02, 2026 - 04:53 PM (IST)

नई दिल्लीः देश की पांच प्रमुख सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनियों की बिक्री बुकिंग चालू वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में 20 प्रतिशत बढ़कर करीब 83,831 करोड़ रुपए हो गई। मुख्य रूप से प्रीमियम और लक्जरी घरों की मांग बढ़ने से यह बढ़ोतरी हुई है। देश की 28 प्रमुख सूचीबद्ध रियल्टी कंपनियों की तरफ से शेयर बाजार को दी गई सूचनाओं के संकलन से पता चलता है कि अप्रैल-दिसंबर, 2025 की अवधि में इनकी कुल बिक्री बुकिंग 1,32,569 करोड़ रुपए रही। इनमें से 83,831.3 करोड़ रुपए यानी 63 प्रतिशत का योगदान पांच बड़ी कंपनियों- गोदरेज प्रॉपर्टीज, प्रेस्टीज एस्टेट प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, डीएलएफ लिमिटेड, लोढ़ा डेवलपर्स लिमिटेड और सिग्नेचर ग्लोबल लिमिटेड का रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह आंकड़ा 70,023.7 करोड़ रुपए था। 

मुंबई स्थित गोदरेज प्रॉपर्टीज 24,008 करोड़ रुपए की बिक्री बुकिंग के साथ शीर्ष पर रही, जबकि बेंगलुरु की प्रेस्टीज एस्टेट्स 22,327.3 करोड़ रुपए के साथ दूसरे स्थान पर रही। बाजार पूंजीकरण के लिहाज से देश की सबसे बड़ी रियल्टी कंपनी डीएलएफ 16,176 करोड़ रुपए की बिक्री बुकिंग के साथ तीसरे स्थान पर रही। इस दौरान लोढ़ा डेवलपर्स ने 14,640 करोड़ रुपए और सिग्नेचर ग्लोबल ने 6,680 करोड़ रुपए की बिक्री दर्ज की। अन्य प्रमुख रियल एस्टेट कंपनियों में सोभा लिमिटेड (6,096.7 करोड़), ब्रिगेड एंटरप्राइजेज (4,903 करोड़) और पूर्वांकरा लिमिटेड (3,859 करोड़) शामिल हैं। इसके अलावा आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट (3,848.1 करोड़), ओबेरॉय रियल्टी (3,774.09 करोड़) और कल्पतरु लिमिटेड (3,447 करोड़) ने भी उल्लेखनीय बिक्री दर्ज की। 

कोविड-19 महामारी के बाद सूचीबद्ध डेवलपर ने बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इसकी वजह यह है कि खरीदार अब वित्तीय रूप से मजबूत और भरोसेमंद ब्रांड को प्राथमिकता दे रहे हैं। अनारॉक, प्रॉपइक्विटी और प्रॉपटाइगर जैसी प्रॉपर्टी सलाहकार फर्मों के मुताबिक, कैलेंडर वर्ष 2025 में घरों की बिक्री में मात्रा के लिहाज से गिरावट आई, लेकिन मूल्य के लिहाज से यह बढ़ गई। यह वृद्धि कीमतों में तेजी और एक करोड़ रुपए से अधिक कीमत वाले घरों की बढ़ती बिक्री के कारण हुई। रियल एस्टेट क्षेत्र में बुकिंग बिक्री को परिचालन प्रदर्शन का अहम पैमाना माना जाता है। हालांकि, इन बुकिंग से मिलने वाले राजस्व को परियोजनाएं पूरा होने के बाद ही मान्यता दी जाती है। 


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Content Writer

jyoti choudhary

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