New Rules from April 2026: 1 अप्रैल से बदलेंगे पैन, टैक्स और ITR के नियम, आम आदमी पर सीधा प्रभाव
punjabkesari.in Wednesday, Feb 18, 2026 - 11:55 AM (IST)
बिजनेस डेस्कः नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ 1 अप्रैल 2026 से कई अहम नियम बदलने जा रहे हैं। ये बदलाव नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 के तहत लागू होंगे। पैन कार्ड, प्रॉपर्टी खरीद, इंश्योरेंस, बच्चों की पढ़ाई, शेयर बाजार और ITR फाइलिंग—इन सभी से जुड़े नियमों में संशोधन किया गया है, जिसका असर सैलरीड क्लास से लेकर बिजनेस और निवेशकों तक सभी पर पड़ेगा।
पैन कार्ड से जुड़े बड़े बदलाव
- छोटे लेन-देन में पैन की अनिवार्यता अब कम कर दी गई है।
- बैंक या पोस्ट ऑफिस में सालभर में 10 लाख रुपए तक कैश जमा या निकासी पर पैन देना जरूरी नहीं होगा। इससे ज्यादा होने पर पैन अनिवार्य होगा।
- होटल, रेस्टोरेंट या किसी इवेंट में 1 लाख रुपए तक के बिल पर पैन की जरूरत नहीं होगी (पहले सीमा 50,000 रुपए थी)।
- 5 लाख रुपए तक की नई कार या बाइक खरीदने पर पैन की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है।
- प्रॉपर्टी खरीद में पैन की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दी गई है।
NRI प्रॉपर्टी डील आसान
1 अप्रैल 2026 से NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर खरीदार को TDS के लिए अलग से TAN लेने की जरूरत नहीं होगी। अब केवल पैन के जरिए TDS कट सकेगा, जिससे प्रक्रिया आसान होगी।
इंश्योरेंस सेक्टर में सख्ती
अब हर इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदते समय पैन देना अनिवार्य होगा, चाहे पॉलिसी की राशि छोटी ही क्यों न हो। इसके अलावा, Motor Accident Claims Tribunal (MACT) से मिलने वाले मुआवजे के ब्याज को पूरी तरह टैक्स-फ्री कर दिया गया है। इस पर अब न इनकम टैक्स लगेगा और न ही TDS कटेगा।
बच्चों की पढ़ाई पर बड़ी टैक्स राहत
- पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने वालों को राहत मिलेगी:
- एजुकेशन अलाउंस अब 100 रुपए से बढ़ाकर 3,000 रुपए प्रति माह प्रति बच्चा कर दिया गया है (अधिकतम दो बच्चों तक)।
- हॉस्टल अलाउंस 300 रुपए से बढ़ाकर 9,000 रुपए प्रति माह प्रति बच्चा कर दिया गया है।
- इससे सालाना टैक्स बचत में बड़ा फायदा होगा।
शेयर बाजार से जुड़े बदलाव
शेयर बायबैक पर नया टैक्स नियम
1 अप्रैल 2026 से शेयर बायबैक से हुई कमाई को डिविडेंड नहीं, बल्कि कैपिटल गेन माना जाएगा। अब टैक्स की गणना शेयर की खरीद कीमत और होल्डिंग अवधि के आधार पर होगी।
फ्यूचर्स-ऑप्शंस में STT बढ़ा
बजट 2026 के अनुसार....
- फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05%
- ऑप्शंस प्रीमियम पर STT 0.10% से बढ़ाकर 0.15%
- ऑप्शंस एक्सरसाइज पर STT 0.125% से बढ़ाकर 0.15%
सरकार का मकसद सट्टेबाजी पर नियंत्रण और बाजार में संतुलन बनाना है।
ITR फाइलिंग डेडलाइन में बदलाव
- बिना ऑडिट वाले बिजनेस, प्रोफेशनल और ट्रस्ट अब ITR 31 जुलाई की जगह 31 अगस्त तक फाइल कर सकेंगे (AY 2026-27 से लागू)।
- सैलरीड कर्मचारी और ITR-1/ITR-2 फाइल करने वाले व्यक्तियों के लिए डेडलाइन 31 जुलाई ही रहेगी।
क्या होगा आम लोगों पर असर?
इन बदलावों से छोटे लेन-देन में आसानी होगी, जबकि बड़े ट्रांजैक्शन पर निगरानी मजबूत होगी। छोटी कार, छोटी प्रॉपर्टी और कम कैश ट्रांजैक्शन में पैन की झंझट कम होगी। वहीं बच्चों की पढ़ाई और हॉस्टल खर्च पर ज्यादा टैक्स बचत संभव होगी।
