मेटा, अमेजन के बाद अब Microsoft ने चलाई नौकरियों पर कैंची, 4800 कर्मचारियों को निकाला
punjabkesari.in Monday, Jul 06, 2026 - 10:08 PM (IST)
नई दिल्ली: टेक इंडस्ट्री में एक बार फिर नौकरियों पर संकट गहरा गया है। दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने अपने वैश्विक कार्यबल से करीब 4,800 कर्मचारियों की छंटनी करने का बड़ा फैसला लिया है। कंपनी के इस अचानक लिए गए फैसले से न केवल वर्तमान कर्मचारी, बल्कि इस क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे युवा भी सख्ते में हैं।
2.1% वर्कफोर्स की कटौती
प्राप्त जानकारी के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कुल कर्मचारियों में से लगभग 2.1 प्रतिशत पदों को समाप्त कर दिया है,। कंपनी की हेड एचआर (HR) एमी कोलमैन ने एक आधिकारिक मेमो के जरिए इस छंटनी की पुष्टि की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम केवल खर्च कम करने के लिए नहीं, बल्कि कंपनी की कार्यप्रणाली में बदलाव का एक हिस्सा है।
AI पर निवेश है प्राथमिकता
एचआर हेड एमी कोलमैन ने बताया कि कंपनी अब अपने निवेश और संसाधनों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी प्राथमिकताओं पर केंद्रित करना चाहती है। तेजी से बदलती टेक इंडस्ट्री में ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए संसाधनों का सही जगह उपयोग करना कंपनी का मुख्य लक्ष्य है। गौरतलब है कि कंपनी इस समय एआई पर बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है।
शेयरों में भारी गिरावट और वित्तीय दबाव
छंटनी का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब माइक्रोसॉफ्ट के वित्तीय प्रदर्शन पर भी दबाव दिख रहा है। साल 2026 के पहले छह महीनों में कंपनी के शेयरों में करीब 23% की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो 2022 के बाद का सबसे खराब प्रदर्शन है। इससे पहले कंपनी ने अमेरिका में अपने 9,000 कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (Voluntary Buyout) का प्रस्ताव भी दिया था।
अन्य टेक कंपनियों में भी छंटनी का दौर
सिर्फ माइक्रोसॉफ्ट ही नहीं, बल्कि अमेजॉन और मेटा जैसी दिग्गज कंपनियां भी इस साल हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई पर बढ़ते भारी खर्च के कारण कंपनियों पर अपना मुनाफा बनाए रखने का दबाव बढ़ गया है जिसके चलते वे वर्कफोर्स में कटौती कर रही हैं।
