₹245 अरब डॉलर के FMCG सेक्टर पर मंडरा रहा बड़ा ESG खतरा, रिपोर्ट में खुलासा
punjabkesari.in Saturday, Sep 05, 2026 - 03:11 PM (IST)
मुंबईः भारत के करीब 245 अरब डॉलर के FMCG सेक्टर के लिए पर्यावरण, सामाजिक और गवर्नेंस (ESG) से जुड़े जोखिमों और अवसरों का आकलन करने के लिए नया फ्रेमवर्क जारी किया गया है। एस्पायर सर्कल और एस्पायर इम्पैक्ट ने इम्पैक्ट फ्यूचर प्रोजेक्ट के तहत Fast Moving Consumer Goods: An ESG Performance Framework नाम से यह रिपोर्ट जारी की है।
इस पहल में ESG, सस्टेनेबिलिटी और बिजनेस से जुड़े 19 वरिष्ठ विशेषज्ञों ने योगदान दिया है। इस फ्रेमवर्क का उद्देश्य FMCG कंपनियों के ESG प्रदर्शन को मापने के साथ-साथ उनके सामने मौजूद जोखिमों और टिकाऊ विकास के अवसरों की अलग-अलग पहचान करना है।
2024 में FMCG सेक्टर का कारोबार 245.4 अरब डॉलर
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के FMCG सेक्टर ने 2024 में करीब 245.4 अरब डॉलर का राजस्व अर्जित किया। इसके FY2027 तक बढ़कर 615.9 अरब डॉलर पहुंचने का अनुमान है। यह सेक्टर देश की 1.4 अरब से अधिक आबादी तक सीधे पहुंचता है।
नए फ्रेमवर्क में कंपनियों के ESG प्रदर्शन के लिए सिर्फ एक संयुक्त स्कोर देने के बजाय ESG Risk और ESG Opportunity को अलग-अलग आंका गया है। इससे कंपनियों, निवेशकों और अन्य हितधारकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि किसी कंपनी के सामने सबसे बड़े जोखिम क्या हैं और टिकाऊ कारोबार बढ़ाने के लिए उसके पास कौन से अवसर मौजूद हैं।
पैकेजिंग और पानी से जुड़े जोखिम सबसे अहम
फ्रेमवर्क में FMCG कंपनियों के लिए कई प्रमुख ESG जोखिमों की पहचान की गई है। इनमें पैकेजिंग कचरा, पानी की कमी, ऊर्जा की ज्यादा खपत, सप्लाई चेन की ट्रेसबिलिटी, टिकाऊ सोर्सिंग, उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा, जिम्मेदार मार्केटिंग और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण शामिल हैं।
FMCG कंपनियों के लिए पैकेजिंग खास चुनौती है, क्योंकि रोजमर्रा की बड़ी संख्या में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं की पैकेजिंग से भारी मात्रा में कचरा पैदा होता है। वहीं, पानी की उपलब्धता और जल-संकट भी मैन्युफैक्चरिंग तथा सप्लाई चेन के लिए महत्वपूर्ण जोखिम बनता जा रहा है।
सर्कुलर पैकेजिंग और रिन्यूएबल एनर्जी में बड़े अवसर
रिपोर्ट में ESG से जुड़े कई कारोबारी अवसरों की भी पहचान की गई है। इनमें सर्कुलर पैकेजिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, रिफिल और री-यूज मॉडल, नैतिक सोर्सिंग और रीजेनेरेटिव एग्रीकल्चर प्रमुख हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, ESG जोखिमों की स्पष्ट पहचान और अवसरों की माप योग्य जानकारी FMCG कंपनियों को ग्राहकों का भरोसा बढ़ाने, ब्रांड वैल्यू मजबूत करने और बदलते रेगुलेटरी माहौल के लिए तैयार रहने में मदद कर सकती है।
12 सेक्टर आधारित ESG फ्रेमवर्क की योजना
यह रिपोर्ट Impact Future Project की 12 सेक्टर-विशिष्ट ESG परफॉर्मेंस फ्रेमवर्क की श्रृंखला का हिस्सा है। इससे पहले इंडस्ट्री-अज्ञेय ESG KPI, फाइनेंशियल सर्विसेज, हेल्थकेयर, IT और यूटिलिटीज जैसे क्षेत्रों के लिए फ्रेमवर्क जारी किए जा चुके हैं।
Aspire Impact के मुताबिक, उसका ESG और सस्टेनेबिलिटी प्लेटफॉर्म IKOO World 750 से ज्यादा संगठनों के डेटा के आधार पर ESG और इम्पैक्ट असेसमेंट तथा बेंचमार्किंग में मदद करता है।
