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लॉकडाउन का परिधान उद्योग पर होगा व्यापक असर: संगठन

2020-06-29T14:37:59.99

चेन्नईः कारोबारी संगठन अपैरल एंड हैंडलूम एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने रविवार को कहा कि चालू लॉकडाउन ने सितंबर तक आपूर्ति की जाने वाले सामनों पर व्यापक असर डाला है। संगठन राज्य में लगभग 400 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) का प्रतिनिधित्व का दावा करता है। 

एसोसिएशन के मानद सचिव निशांत जैन ने कहा कि चेन्नई और पड़ोसी जिलों में 12 दिनों के लॉकडाउन के कारण कार्यबल काफी हद तक प्रभावित हुआ है। उन्होंने राज्य सरकार से अनुरोध किया कि 30 जून को समाप्त होने वाले लॉकडाउन को और न बढ़ाया जाए क्योंकि व्यापारी अपने उपभोक्ताओं को सेवा मुहैया करा पाने में असमर्थ हैं। उन्होंने एक बयान में कहा कि परिधान और हथकरघा निर्यात कंपनियां लगभग 1.50 लाख श्रमिकों को रोजगार देती हैं, जिनमें 90 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। चल रहे लॉकडाउन के कारण उनके पास आजीविका का कोई अन्य स्रोत नहीं है। 

उन्होंने कहा कि मार्च से लेकर मई तक कंपनियों द्वारा ऑर्डर रद्द करने के कारण उद्योग पहले ही भारी नुकसान का सामना कर रहा था। उन्होंने कहा कि तैयार माल को जून से सितंबर के बीच निर्यात किया जाना है और अगर कंपनियों ने विदेशी उपभोक्ताओं को समय पर आपूर्ति नहीं की, तो कंपनियां ऑर्डर रद्द कर सकती हैं। जैन ने कहा कि ऐसे में विदेशी उपभोक्ता चीन, बांग्लादेश, वियतनाम, श्रीलंका में काम करने वाली कंपनियों के पास जा सकते हैं। उन्होंने कहा, "एक बार जब उपभोक्ता दूसरे देशों में चले जाते हैं, तो उन्हें वापस लाना बेहद मुश्किल होगा ...।'' 

राज्य सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि होने के चलते चेन्नई, मदुरै, चेंगलपेट, कांचीपुरम और तिरुवल्लूर जिलों के कुछ हिस्सों में 19 जून से फिर से लॉकडाउन लगाया है। इससे पहले केंद्र सरकार ने 25 मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन लागू करने की घोषणा की थी, जो दो महीने से अधिक समय तक लागू रहा। 
 


jyoti choudhary

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