Work From Home देने के बाद देर रात आया ईमेल, मेटा ने 8000 कर्मचारियों को अचानक नौकरी से निकाला
punjabkesari.in Wednesday, May 20, 2026 - 12:22 PM (IST)
Meta Layoffs: अमेरिकी टेक कंपनी मेटा ने एक बार फिर बड़े स्तर पर छंटनी शुरू कर दी है। यह कदम कंपनी की री-स्ट्रक्चरिंग योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य लागत कम करना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में निवेश बढ़ाना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी करीब 8000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रही है, जो उसके कुल वर्कफोर्स का लगभग 10% है।
सुबह 4 बजे भेजा गया नोटिस
छंटनी की प्रक्रिया अलग-अलग टाइम जोन के हिसाब से की जा रही है। कुछ कर्मचारियों को अचानक Work From Home (WFH) करने का निर्देश दिया गया और इसके बाद देर रात या सुबह जल्दी ईमेल के जरिए नौकरी खत्म होने की सूचना दी गई। सिंगापुर ऑफिस के कर्मचारियों को स्थानीय समय के अनुसार सुबह 4 बजे ईमेल मिले, जो भारत में करीब 1:30 बजे होता है।
यह भी पढ़ें: SBI ग्राहकों के लिए अलर्ट, 23 से 28 मई तक लगातार 6 दिन बंद रहेंगी बैंकिंग सेवाएं, जानिए क्यों?
मेटा की छंटनी के पीछे क्या है कारण
रिपोर्ट्स के अनुसार, इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट डिवीज़न में सबसे ज्यादा असर पड़ा है। माना जा रहा है कि यह बदलाव मेटा की नई AI-केंद्रित रणनीति का हिस्सा है। कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने AI को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया है। मेटा अब कम कर्मचारियों, छोटी टीमों और बड़े AI निवेश की दिशा में आगे बढ़ रही है।
मेटा की Chief People Officer जेनेल गेल ने एक इंटरनल मेमो में बताया है कि....
- लगभग 7000 कर्मचारियों को AI-आधारित नई टीमों में शिफ्ट किया जाएगा
- करीब 6000 खाली पद खत्म कर दिए गए हैं
- मैनेजमेंट की कई परतें कम की जा रही हैं
यह भी पढ़ें: सोने के बाद अब विदेशी सामानों के आयात पर लगाम लगाने की तैयारी में सरकार
कंपनी का कहना है कि अब तेज और छोटी टीमों के साथ तेजी से फैसले लेने पर फोकस रहेगा। रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि छंटनी की खबरें पहले ही लीक हो चुकी थीं, जिसके बाद कई कर्मचारियों में अनिश्चितता बढ़ गई थी। कुछ ने तो ऑफिस से जरूरी सामान जैसे लैपटॉप चार्जर तक इकट्ठा करना शुरू कर दिया था।
कंपनी में हुआ विरोध
इसी बीच यह भी दावा किया गया कि कंपनी एक ऐसा इंटरनल टूल इस्तेमाल कर रही थी जो कर्मचारियों के माउस मूवमेंट और कीस्ट्रोक्स को ट्रैक करता है, ताकि AI सिस्टम को बेहतर तरीके से ट्रेन किया जा सके। इस पर कंपनी के भीतर विरोध भी हुआ और कई कर्मचारियों ने इसके खिलाफ याचिका पर हस्ताक्षर किए।
