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कोविड-19 स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ने का अवसरः गौतम अडाणी

2020-05-29T11:51:22.91

नई दिल्लीः उद्योगपति गौतम अडाणी ने गुरुवार को कहा कि कोविड-19 महामारी ने कठिनाइयों के साथ-साथ कम कार्बन वाले भविष्य की ओर तेजी से बढ़ने के नए अवसर भी दिखाए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में सौर बिजली उत्पादन के मॉड्यूल सस्ते होंगे।

लिंक्डइन पर उन्होंने लिखा कि कोविड-19 चुनौतियों को देखते हुए ऊर्जा क्षेत्र में हरित क्रांति की आवश्यकता महत्वपूर्ण हो गई है। तात्कालिक आर्थिक प्रभाव हमें धीमा कर सकता है, पर हमारे पास अवसर है। हम थोड़ा रूकें, पुनर्विचार करें और कम कार्बन वाले भविष्य की ओर तेजी से बढ़ने के लिए योजना तैयार करें। 

देश के सबसे बड़े बुनियादी ढांचे वाले समूह के प्रमुख अडाणी ने कहा कि यूरोप में कई ग्रिड आपरेटर मांग में कमी का सामना कर रहे हैं और वे कुल ऊर्जा में नवीकरणीय ऊर्जा का हिस्सा 70 प्रतिशत तक रख कर ग्रिड का प्रबंधन करना सीख रहे हैं। यह अपने आप में काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ महीने पहले इस प्रकार की परिस्थितियां नहीं थीं। अडाणी ने कहा कि मांग बढ़ने के साथ उत्पादन संतुलन पूर्व की तरह हो सकता है, पर इस संकट ने नवीकरणीय ऊर्जा का अधिकाधिक उपयोग कर ग्रिड को स्थिर रखने के तरीके के निरीक्षण का एक मौका दिया है। कोविड-19 के बाद हो सकता है कि यह नया चलन हो। 

उन्होंने कहा कि पिछले 40 साल में सौर मॉड्यूल की कीमत 99 प्रतिशत कम हुई है। इसको देखते हुए मुझे लगता है कि अगले 40 साल में मॉड्यूल का दाम और 40 प्रतिशत घटेगा। इससे बिजली की सीमंत लागत घटकर संभवत: शून्य पर आ जाएगी। इस प्रकार की कटौती का मतलब है कि दो व्यापार मॉडल बने रहेंगे। एक जीवाश्म ईंधन पर आधारित होगा और दूसरा नवीकरणीय ऊर्जा पर। निकट भविष्य में दोनों एक-दूसरे के पूरक होंगे लेकिन दीर्घकाल में चीजें नवीकरणीय ऊर्जा के पक्ष में होंगी। 

उन्होंने कहा कि जो यह कहावत थी कि नवीकरणीय ऊर्जा पर्यावरण के लिए अच्छा है, लेकिन कारोबार के लिहाज से बुरा, वह बीते दिनों की बात होगी। अडाणी ने कहा कि न केवल सौर ऊर्जा बल्कि प्रौद्योगिकी के मोर्चे पर नई-नई खोज और बड़े पैमाने पर उपयोग के साथ पवन ऊर्जा की लागत भी उल्लेखनीय रूप से कम होगी।  
  


jyoti choudhary

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