Gold Duty Hike to Impact: गोल्ड ड्यूटी बढ़ने से ज्वेलरी इंडस्ट्री को झटका, तस्करी बढ़ने का खतरा
punjabkesari.in Wednesday, May 13, 2026 - 11:33 AM (IST)
बिजनेस डेस्कः सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने से रत्न एवं आभूषण उद्योग को आने वाले समय में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है और इससे तस्करी को बढ़ावा मिल सकता है। अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण परिषद (जीजेसी) के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने कहा, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मितव्ययिता उपायों और सर्राफा आयात शुल्क बढ़ने से कारोबार अब कठिन होने वाला है। उद्योग को आशंका है कि इससे तस्करी बढ़ेगी...।''
शुल्क बढ़ोतरी को समझाते हुए रोकड़े ने कहा कि अब सीमा शुल्क, माल एवं सेवा कर (जीएसटी) और कृषि उपकर को मिलाकर आयात शुल्क के कारण सोना पहले के 13,500 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर लगभग 27,000 रुपए प्रति 10 ग्राम महंगा हो सकता है। उन्होंने कहा कि जीजेसी ने हाल के नीतिगत निर्णयों पर विचार करने और आगे की रणनीति तय करने के लिए बुधवार को मुंबई में उद्योग की सभी संस्थाओं की बैठक बुलाई है। इस बीच, आभूषण खुदरा कंपनी सेनको गोल्ड एंड डायमंड्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सुवंकर सेन ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट बने रहने तक आयात शुल्क अधिक रहेगा। साथ ही, जब तक तेल आपूर्ति शृंखला स्थिर नहीं होती, कच्चे तेल की कीमतें भी ऊंची बनी रहेंगी।
उन्होंने कहा, ''इसलिए संभव है कि लगभग एक वर्ष तक यह स्तर बना रहे। मात्रा के लिहाज से मांग पर 10-15 प्रतिशत असर पड़ सकता है लेकिन मूल्य के हिसाब से यह और अधिक रहेगा। उपभोक्ता हल्के वजन के आभूषण खरीदेंगे।'' सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर बुधवार को 15 प्रतिशत कर दिया। प्लैटिनम पर कर 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप सोने/चांदी के डोरे, सिक्के, अन्य वस्तुएं आदि पर भी कर में बदलाव किए गए हैं। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, 13 मई से सामाजिक कल्याण अधिभार (एसडब्ल्यूएस) और कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर (एआईडीसी) में वृद्धि की गई है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद एवं विदेश यात्रा को स्थगित करने जैसे उपायों के आह्वान के बाद यह अधिसूचना जारी हुई है। भारत का सोना आयात 2025-26 में 24 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 71.98 अरब अमेरिकी डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, मात्रा के आधार पर आयात 4.76 प्रतिशत घटकर 721.03 टन रह गया।
