2028 में जर्मनी को पछाड़ेगा भारत, बनेगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमीः SBI रिपोर्ट

punjabkesari.in Tuesday, Jan 20, 2026 - 11:28 AM (IST)

बिजनेस डेस्कः भारत वर्ष 2030 तक ‘उच्च-मध्यम आय’ वाला देश बनकर चीन और इंडोनेशिया की श्रेणी में शामिल हो सकता है। इसके साथ ही भारत 2028 तक जर्मनी को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह आकलन सोमवार को जारी SBI रिसर्च की एक रिपोर्ट में किया गया है।

विश्व बैंक देशों को प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (GNI) के आधार पर चार श्रेणियों—निम्न आय, निम्न-मध्यम आय, उच्च-मध्यम आय और उच्च आय—में वर्गीकृत करता है। वर्ष 1990 में जहां निम्न आय वाले देशों की संख्या 51 थी, वहीं 2024 में यह घटकर 26 रह गई है, जबकि उच्च आय वाले देशों की संख्या बढ़कर 87 हो गई है।

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60 साल में बदला भारत का आय स्तर

SBI रिसर्च के मुताबिक, आजादी के बाद भारत को निम्न-मध्यम आय श्रेणी से बाहर निकलने में करीब 60 साल लगे। वर्ष 1962 में भारत की प्रति व्यक्ति GNI सिर्फ 90 डॉलर थी, जो 2007 तक बढ़कर 910 डॉलर हो गई। इसके बाद 2009 में यह 1,000 डॉलर, 2019 में 2,000 डॉलर और 2026 तक 3,000 डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2030 तक प्रति व्यक्ति आय 4,000 डॉलर के स्तर को छू सकता है, जिससे वह ‘उच्च-मध्यम आय’ वाला देश बन जाएगा और चीन-इंडोनेशिया के समूह में शामिल हो जाएगा।

2047 तक उच्च-आय देश बनने का लक्ष्य

रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि भारत को 2047 तक उच्च-आय वाला देश बनना है तो प्रति व्यक्ति GNI में 7.5% की सालाना चक्रवृद्धि वृद्धि दर बनाए रखना जरूरी होगा। अच्छी बात यह है कि 2001 से 2024 के बीच यह दर 8.3% रही है। हालांकि यदि उच्च-आय की सीमा बढ़कर 18,000 डॉलर हो जाती है, तो भारत को 8.9% की वार्षिक वृद्धि दर हासिल करनी होगी।

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अर्थव्यवस्था में भी बड़ी छलांग

SBI रिसर्च का अनुमान है कि भारत 2028 तक 5 ट्रिलियन डॉलर और 2035 तक 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है। अमेरिका और चीन के बाद भारत 2028 तक जर्मनी को पछाड़कर तीसरी सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उल्लेखनीय है कि भारत 1990 में दुनिया की 14वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, जो 2025 तक चौथे स्थान पर पहुंच चुका है।

सुधारों को जारी रखने पर जोर

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को अपने आर्थिक सुधारों की रफ्तार बनाए रखनी होगी ताकि तेज और टिकाऊ विकास संभव हो सके। मौजूदा कीमतों पर GDP और प्रति व्यक्ति आय में 11–11.5% की औसत वृद्धि भारत को 2030 तक उच्च-मध्यम आय और 2047 तक उच्च-आय देश बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
 


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Content Writer

jyoti choudhary

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