TDS/TCS में गड़बड़ी पर इनकम टैक्स विभाग का बड़ा अभियान, 40,000 Taxpayers पर विभाग की नजर
punjabkesari.in Wednesday, Feb 26, 2025 - 02:02 PM (IST)
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बिजनेस डेस्कः इनकम टैक्स डिपार्टमेंट देशभर में एक बड़े अभियान की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान उन व्यक्तियों और कंपनियों के खिलाफ होगा जिन्होंने TDS/TCS काटने या जमा करने में लापरवाही की है। जांच के दायरे में करीब 40,000 टैक्सपेयर्स आएंगे। यह कार्रवाई वित्त वर्ष 2022-23 और 2023-24 में काटे गए टैक्स के आधार पर होगी।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने TDS डिफॉल्टर्स को पकड़ने के लिए 16 सूत्रीय योजना तैयार की है। डेटा एनालिटिक्स टीम ने संभावित मामलों की सूची बना ली है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमारे पास एनालिटिक्स टीम का डेटा उपलब्ध है और जिन टैक्सपेयर्स ने कर जमा नहीं किया है, उन्हें पहले सूचना दी जाएगी। खासतौर पर बार-बार नियम तोड़ने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। उन मामलों की भी जांच होगी जहां टैक्स कटौती और एडवांस टैक्स भुगतान में बड़ा अंतर है, कटौती करने वाले के नाम बार-बार बदले गए हैं या जहां ऑडिट में घाटे वाली कंपनियों का अनुचित उपयोग किया गया है।
क्या कहता है कानून
बोर्ड ने आकलन अधिकारियों से कहा है कि वे आयकर अधिनियम की धारा 40(a)(ia) के तहत बड़ी अस्वीकृति वाले मामलों की रिपोर्ट करें। यह धारा उन मामलों में कटौती की अनुमति नहीं देती है जहां TDS नहीं काटा गया है या सरकार के पास जमा नहीं किया गया है। कर अधिकारी ऐसे मामलों पर भी कड़ी नजर रखेंगे जहां TDS रिटर्न में कई बार संशोधन किया गया है और डिफॉल्ट की राशि में काफी कमी आई है।
बोर्ड ने फील्ड अधिकारियों से कहा है कि वे कटौती करने वालों द्वारा दायर की गई शिकायतों पर भी ध्यान दें। TDS भुगतान में पैटर्न और अनियमितताओं की पहचान करने के लिए डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करें। अधिकारी ने कहा कि विभाग के पहले के अभियानों की तरह इसमें भी किसी को परेशान नहीं किया जाएगा। इस साल के बजट में, केंद्र सरकार ने TDS और TCS दरों को युक्तिसंगत बनाने की घोषणा की है। दरों की संख्या और TDS कटौती की सीमा को कम किया गया है।
डिफॉल्टर पर एक्शन
अधिकारी ने कहा, 'ईमानदार करदाताओं के लिए TDS अनुपालन में ढील दी गई है। लेकिन जानबूझकर डिफॉल्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे टैक्स सिस्टम निष्पक्ष और न्यायसंगत बनेगा।' इस अभियान से सरकार को उम्मीद है कि टैक्स चोरी कम होगी और राजस्व बढ़ेगा। साथ ही, ईमानदार करदाताओं को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।