किन किन देशों में बैन है स्टारलिंक? भारत में लॉन्च हुआ तो कितनी मिलेगी Internet स्पीड

punjabkesari.in Monday, Oct 12, 2026 - 06:10 AM (IST)

बिजनेस डेस्कः दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क और उनकी सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक (Starlink) भारत में अपनी एंट्री को लेकर गंभीर विवादों के केंद्र में आ गए हैं। मस्क ने भारत में लाइसेंस मिलने में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी पर निशाना साधा और उन्हें "प्रधानमंत्री अंबानी" व "भारत का असली बॉस" तक कह डाला।

मस्क का आरोप है कि कुछ उद्योगपति अपने एकाधिकार को बनाए रखने के लिए स्टारलिंक की तकनीक को आम नागरिकों तक पहुंचने से रोक रहे हैं। इस मुद्दे पर देश की विपक्षी राजनीति भी कूद पड़ी है। इन विवादों के बीच दुनिया के कई बड़े देशों में सुरक्षा कारणों से इस सेवा पर पहले से ही पूरी तरह प्रतिबंध लगा हुआ है।

इन 9 देशों में पूरी तरह बैन है स्टारलिंक

ग्लोबल डेटा और आंतरिक सुरक्षा कारणों के चलते दुनिया के कई देशों ने स्टारलिंक के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा रखी है:

  • चीन और रूस: अपनी बेहद सख्त सुरक्षा नीतियों और इंटरनेट नियंत्रण के कारण चीन ने स्टारलिंक को अनुमति नहीं दी है। वहीं रूस में इसका अनधिकृत इस्तेमाल पूरी तरह गैरकानूनी माना गया है।
  • अन्य देश: ईरान, उत्तर कोरिया, सीरिया, अफगानिस्तान, बेलारूस, म्यांमार और क्यूबा में भी इसकी सेवाओं पर पूरी तरह से रोक है। इन देशों का मानना है कि विदेशी सैटेलाइट तकनीक से नागरिकों के निजी डेटा और राष्ट्रीय संप्रभुता को खतरा हो सकता है।

भारत में क्यों हो रही है देरी?
भारत सरकार ने स्टारलिंक के आवेदन को खारिज नहीं किया है, बल्कि जरूरी मंजूरियों की प्रक्रिया जारी है। दूरसंचार विभाग और सुरक्षा एजेंसियों की मुख्य चिंता डेटा प्राइवेसी और नेशनल सिक्योरिटी को लेकर है। सरकार की शर्त है कि भारतीय उपयोगकर्ताओं का डेटा देश की सीमाओं के भीतर ही रहे ताकि जरूरत पड़ने पर सुरक्षा एजेंसियां इसकी निगरानी कर सकें। ताजा जानकारी के अनुसार, स्टारलिंक ने भारत की इस शर्त को स्वीकार कर लिया है और देश में लगभग 20 गेटवे साइट्स तैयार कर ली हैं।

भारत में कितनी मिलेगी इंटरनेट स्पीड?
जब भारत में स्टारलिंक की कमर्शियल सर्विस शुरू होगी, तो उपयोगकर्ताओं को 100 Mbps से लेकर 200 Mbps तक की सुपरफास्ट इंटरनेट स्पीड आसानी से मिलेगी, जो विशेष परिस्थितियों में 400 Mbps के पार भी जा सकती है। कम लेटेंसी (latency) के कारण बिना किसी रुकावट के हाई-डेफिनिशन वीडियो कॉलिंग, गेमिंग और लाइव स्ट्रीमिंग संभव होगी।

दुर्गम और ग्रामीण इलाकों की बदलेगी तस्वीर
स्टारलिंक का सबसे ज्यादा फायदा देश के उन दूरदराज के क्षेत्रों, ऊंचे पहाड़ी इलाकों, घने जंगलों और द्वीप समूहों को मिलेगा जहां मोबाइल टावर या फाइबर केबल बिछाना नामुमकिन है। वहां केवल एक छोटी सी छतरी (Dish) लगाकर हाई-स्पीड इंटरनेट चलाया जा सकेगा। हालांकि, इसके लिए शुरुआती सेटअप कॉस्ट और मासिक प्लान का खर्च काफी अधिक हो सकता है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Pardeep

Related News