Gold-Silver Import पर बदल सकता है नियम, बैंकों और नामित एजेंसियों की GST छूट खत्म करने पर विचार

punjabkesari.in Monday, Oct 05, 2026 - 11:05 AM (IST)

नई दिल्लीः माल एवं सेवा कर (GST) परिषद बैंकों और नामित एजेंसियों द्वारा सोना, चांदी और प्लैटिनम के आयात पर मिलने वाली एकीकृत जीएसटी (IGST) छूट को वापस लेने के प्रस्ताव पर विचार कर सकती है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। इस समय सोना, चांदी और प्लैटिनम के आयात पर तीन प्रतिशत आईजीएसटी लगता है। 

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हालांकि, जब इन कीमती धातुओं का आयात बैंकों और नामित एजेंसियों द्वारा किया जाता है, तो उन्हें इस कर से छूट मिलती है। इन एजेंसियों को सरकार समय-समय पर सूचीबद्ध करती है। सूत्रों ने बताया कि केंद्र और राज्यों के वित्त मंत्रियों वाली जीएसटी परिषद सात अक्टूबर को होने वाली बैठक में बैंकों और नामित एजेंसियों को 2017 में दी गई कर छूट को वापस लेने पर विचार करेगी। 

सूत्रों के अनुसार ऐसे आयात पर जीएसटी छूट 2017 में व्यापार को सुगम बनाने के लिए दी गई थी, जिसे उस समय सख्ती से नियंत्रित किया जाता था। उन्होंने आगे कहा कि छूट वापस लिए जाने के बाद कराधान के मामले में सर्राफा बाजार और ये एजेंसियां बराबरी के स्तर पर आ जाएंगी। सोने, चांदी और बहुमूल्य धातुओं का आयात सरकार के लिए चिंता का विषय रहा है, क्योंकि इससे विदेशी मुद्रा बाहर जाती है और भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ता है। 

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भारत, चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है। सोने का आयात मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग पर निर्भर करता है। गैर-जरूरी आयात पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने मई में सोने और चांदी पर आयात शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत और प्लैटिनम पर 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत कर दिया था। ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध के बाद आयात बिल बढ़ने से रुपए पर पड़े दबाव के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सोने की खरीद से बचने का आह्वान किया है।


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Content Writer

jyoti choudhary

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