बेरोजगारों के लिए खुशखबरी, इस रिटेल पॉलिसी से 4 साल में पैदा होंगी 30 लाख नौकरियां

2020-11-25T17:12:17.53

नई दिल्ली: उद्योग संगठन सीआईआई की रिटेल नेशनल कमेटी के चेयरमैन शाश्वत गोयनका ने कहा कि स्ट्रॉग नेशनल रिटेल पॉलिसी सेक्टर में जान फूंक सकती है। इससे देश में 2024 तक 30 लाख रोजगार पैदा होंगे। सीआईआई इंडिया रिटेल समिट-2020 को संबोधित करते हुए गोयनका ने कहा कि आने वाले वर्षों में जोरदार वृद्धि दर्ज कर पाएगा। गोयनका आरपी-संजीव गोयनका समूह के प्रमुख (Retail & FMCG) भी हैं।  उद्योग के अनुमान के अनुसार, देश के संगठित रिटेल सेक्‍टर में पांच करोड़ लोगों को नौकरियां मिली हुई हैं।

उभरते मॉडल पर चर्चा करने की जरूरत
शाश्‍वत बोले कि आगे चलकर जब उद्योग अपने निचले स्तर से उबरेगा। ऐसे समय में सुधार की प्रक्रिया को तेज करने के लिए नए और उभरते मॉडल पर चर्चा करने की जरूरत होगी। उद्योग अभी भी मांग में कमी की वजह से हुए नुकसान से उबर नहीं पाया है। ऐसे में उपभोक्ताओं का विश्वास कायम रखने के लिए सक्रिय कदमों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के विभिन्न फॉर्मेट में चुनौतियों और अड़चनों को दूर करने के लिए सीआईआई के तहत खुदरा सेक्‍टर के लोगों का मानना है कि सरकार को एक मजबूत रिटेल पॉलिसी लानी चाहिए।

30 लाख अतिरिक्त रोजगार पैदा होंगे
गोयनका ने बताया कि आज पहले की तुलना में कहीं अधिक नेशनल रिटेल पॉलिसी के साथ अनुकूल वातावरण पैदा करने की जरूरत है। सरकार मजबूत रिटेल पॉलिसी लाकर इस सेक्टर की ग्रोथ को बढ़ा सकती है। इससे 2024 तक 30 लाख अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा इससे जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के अप्रत्यक्ष अवसर भी पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि शोध से पता चलता है कि रिटेल से जुड़े बुनियादी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर जैसे वेयरहाउस और कोल्‍ड स्‍टोरेज इत्‍याद‍ि में सिर्फ 6,500 करोड़ रुपये के निवेश से दो से तीन लाख अतिरिक्त रोजगार पैदा किए जा सकते हैं।


Author

rajesh kumar

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