EPFO New Rules 2026: पेंशन क्लेम में देरी पर EPFO देगा 12% ब्याज, सरकार का बड़ा फैसला
punjabkesari.in Thursday, Jul 02, 2026 - 12:54 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः श्रम और रोजगार मंत्रालय ने कर्मचारी पेंशन योजना (EPS), 2026 को अधिसूचित कर दिया है। यह नई योजना EPS-1971 और EPS-1995 की जगह लेगी और 29 जून 2026 से लागू हो चुकी है। यह बदलाव सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 के तहत किया गया है।
पेंशन क्लेम में देरी पर 12% ब्याज
नई योजना में कर्मचारियों को मिलने वाली पेंशन का फॉर्मूला, कर्मचारी और कंपनी का योगदान और कम से कम मिलने वाली पेंशन (मिनिमम पेंशन) में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, पेंशन क्लेम की प्रक्रिया, पेंशन फंड के निवेश और क्लेम में देरी पर मुआवजे से जुड़े नए प्रावधान जोड़े गए हैं। अब अगर EPFO बिना किसी ठोस वजह के पेंशन क्लेम में देरी करता है, तो उसे 12% ब्याज देना होगा।
कौन शामिल हो सकता है?
नोटिफिकेशन के मुताबिक, जो भी व्यक्ति 29 जून 2026 को या उसके बाद ईपीएफ योजना 2026 का सदस्य बनता है और जिसकी सैलरी सरकारी सीमा के अंदर है, वह इस नई पेंशन स्कीम का हिस्सा बनेगा। इसके अलावा, जो लोग पहले से EPS-95 या EPS-1971 के सदस्य थे, वे भी इस नई स्कीम में शामिल होने के हकदार हैं। जिन लोगों को पुरानी योजनाओं (1971 या 1995) के तहत पहले से पेंशन मिल रही है, उनकी पेंशन बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।
योगदान के नियम?
नई व्यवस्था के तहत कंपनियां कर्मचारी की सैलरी का 8.33% हिस्सा पेंशन फंड में जमा करेंगी, जबकि सरकार 1.16% योगदान देगी। जिन कर्मचारियों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 'हायर पेंशन' (ज्यादा पेंशन) का विकल्प चुना है, उनके मामले में कंपनी का योगदान बढ़कर 9.49% हो जाएगा (15,000 से ऊपर की सैलरी पर)।
